बनते काम बिगड़ रहे हैं तो बुधवार के दिन पूजा में करें ये उपाय, सफलता दौड़ी आएगी

नई दिल्ली. बुधवार के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश की पूजा की जाती है. भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है. क्योंकि इनकी पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. गौरी पुत्र गणेश को सब देवों में प्रथम पूज्य होने का वरदान प्राप्त है. इसीलिए किसी भी पूजा को शुरू करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. समस्त दुखों के निवारण के लिए बुधवार के दिन विधि विधान से गजानन की पूजा करने पर मनोवांछित फल प्राप्त होता है. भगवान भोलेनाथ की कृपा से मनुष्य को दुःख और संकट से मुक्ति मिलती है.

अथक परिश्रम से काम करने के बाद भी अगर आपको मनोवांछित सफलता नहीं प्राप्त हो रही है. कार्यक्षेत्र में बाधा बढ़ती जा रही है हर काम रुक जाता है तो कार्य करने का मन भी नहीं करता ऐसी स्थिति में आप बुधवार के दिन विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करें.

भगवान गणेश को दूर्वा घास अत्यधिक प्रिय है. अतः पूजा करते समय आप भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करें. जिससे आपके समस्त दुख दू र होंगे, और मन स्थिर होगा.
गौरी पुत्र गणेश को मिष्ठान बहुत पसंद है. मोदक का भोग लगाने से गणेश जी अति प्रसन्न होते हैं. और सभी तरह के कष्टों का निवारण करते हैं. बुधवार की पूजा के समय आप मोदक अवश्य चढ़ाएं.
भगवान गणेश की पूजा करते समय उनके मस्तक पर सिंदूर का टीका लगाएं. सिंदूर का टीका लगाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं. लोगों को मनोवांछित फल प्राप्त होता है. प्रथम पूज्य गणेश की पूजा करने से मन शांत होता है, और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper