भरतपुर में तीसरे दिन भी एनएच बंद, इंटरनेट का निलंबन बढ़ा

जयपुर । राजस्थान सरकार ने मंगलवार को भरतपुर की चार तहसीलों में इंटरनेट निलंबन की अवधि बढ़ा दी, क्योंकि माली, सैनी, कुशवाहा शाक्य और मौर्य समाज के सदस्य सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर यातायात रोके हुए हैं। जयपुर-आगरा मार्ग पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, तब आंदोलनकारियों से बातचीत करने के लिए सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह को अधिकृत किया गया, पर वह नाराज दिखे।

उन्होंने कहा, “कोई भी वार्ताकार मुझसे बात करने नहीं आया, जबकि मैंने संभागीय आयुक्त के साथ पूरे दिन इंतजार किया।” इस बीच प्रशासन ने कई इलाकों में जारी नेट बैन को 24 घंटे के लिए और बढ़ा दिया है। माली, सैनी, कुशवाहा शाक्य, मौर्य समाज के सदस्यों ने मंगलवार को हाईवे पर सैकड़ों टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।

संभागायुक्त सांवर मल वर्मा ने परेशानी को भांपते हुए भरतपुर की चार तहसीलों में इंटरनेट शटडाउन अगले 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। भरतपुर की नदबई, वैर, भुसावर और उचैन तहसीलों में सोमवार को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, जिसे अब 15 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है। समाज की ओर से 31 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है, लेकिन बातचीत के लिए कोई नहीं पहुंचा। सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भी बातचीत का न्योता भेजा है, लेकिन उसके बाद भी कोई प्रतिनिधि उनके पास नहीं पहुंचा।

माली, सैनी, कुशवाहा शाक्य, मौर्य समाज की मांग है कि उन्हें उनकी जनसंख्या के आकार के आधार पर 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। 33 जिलों में कलेक्ट्रेट, तहसील स्तर पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन जब मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तब समुदाय के लोगों ने 12 जून को चक्का जाम की घोषणा की थी। इससे पहले रविवार को महापंचायत भी हुई, जिसमें कहा गया कि जब कोई सरकारी प्रतिनिधि उनसे बात करने नहीं आया, तब शाम चार बजे वे नेशनल हाईवे पर बैठ गए और सारा ट्रैफिक बंद कर दिया।

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