भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को कर रहे खोखला : पीएम मोदी

नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लालकिले की प्राचीर से 9वीं बार देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में भ्रष्टचार से लेकर परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का जिक्र कर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस खतरे से लड़ने के लिए उन्हें 130 करोड़ लोगों के आशीर्वाद की जरूरत है। उन्होंने कहा, “जहां कुछ लोगों के पास रहने के लिए जगह नहीं है, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास लूटे गए पैसे को रखने के लिए जगह नहीं है।”

मोदी ने कहा, “देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली-परिवारवाद और दूसरी भ्रष्टाचार। इससे निपटने की सख्त जरूरत है। भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है। परिवारवाद ऐसी बुराई है, जिससे हमें मिलकर निपटने की जरूरत है, मैं इस लड़ाई में सभी भारतीयों का समर्थन चाहता हूं। यह हमारी प्रतिभा, राष्ट्र की क्षमताओं को नुकसान पहुंचाता है और भ्रष्टाचार को जन्म देता है।

मोदी ने कहा, “पिछली सरकार में लोगों ने बैंकों को लूटा और भाग गए, लेकिन अब उनकी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। उन्हें वापस लाने और सारा पैसा हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है।” उन्होंने कहा कि देश भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगा। भ्रष्ट लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने भाई-भतीजावाद पर जमकर हमला किया और कहा कि न केवल विभिन्न संस्थानों में, बल्कि राजनीति में भी परिवार नीति का विरोध होना चाहिए।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper