यहां स्थित है सास-बहू का ये अनोखा मंदिर, क्या थी इस मंदिर के निर्माण की वजह

नई दिल्ली: आजतक आपने सिर्फ सास बहु के नोक-झोंक और लड़ाई-झगड़े के किस्से सुने होंगे। लेकिन क्या आपने सुना है कि सास बहु का मंदिर भी हो सकता है। आज हम आपको इस अनोखे मंदिर में ले चलते हैं। बताया जा रहा है कि यह मंदिर उदयपुर में बना हुआ है ओर इसके निर्माण की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है।

यह मंदिर उदयपुर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। बहू का मंदिर, सास के मंदिर से थोड़ा छोटा है। 10वीं सदी में निर्मित सास-बहू का मंदिर अष्टकोणीय आठ नक्काशीदार महिलाओं से सजायी गई छत है। इस मंदिर की दोनों मूर्तिया एक दूसरे को घेरे हुए है।

सास-बहू के इस मंदिर में एक मंच पर त्रिमूर्ति यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश की छवियां खुदी हुई हैं, जबकि दूसरे मंच पर राम, बलराम और परशुराम के चित्र लगे हुए हैं। इस मंदिर के बार में ऐसा कहा जाता है कि, मेवाड़ राजघराने की राजमाता ने यहां भगवान विष्णु का मंदिर और बहू ने शेषनाग के मंदिर का निर्माण कराया था। जिसके कारण ही इस मंदिर को सास बहू के मंदिर के नाम से जाना जाता है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper