ये है भारत का सबसे स्मार्ट विलेज, यहाँ का विकास देख शहर भी शरमा जाए

 

Dhanora India’s First Smart Village: गांव कस्बों का नाम सुनते ही अक्सर लोगों का चेहरा उतर जाता है, क्योंकि वहां मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होती हैं। गांव के लोगों को टूटे फूटे मकान, कच्ची सड़कों और खेतों के बीच अपना जीवन व्यतीत करना पड़ता है, जबकि यहां स्कूल, कॉलेज, बिजली और अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं होती हैं। लेकिन आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी तस्वीरें देखकर शहरों में रहने वाले लोग भी हैरान रह जाएंगे। यह भारत का पहला स्मार्ट विलेज है, जहां मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ साफ सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।

भारत का पहला स्मार्ट विलेज
राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित धनौर गांव अपनी खूबसूरती और स्मार्टनेस के लिए जाना जाता है, जहां पक्के मकान, साफ सुथरी सड़कें, हरियाली भरे खेत, स्कूल, पेय स्वच्छ जल और बिजली जैसी जरूरी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। धनौरा (Dhanora) गांव की तस्वीर देखकर शायद ही किसी को यकीन होगा कि यह कोई गांव है, जबकि यहां के स्थानीय लोगों का जीवन भी काफी आधुनिक हो चुका है।

हालांकि धनौरा (Dhanora) गांव की सूरत हमेशा से ऐसी नहीं थी, लेकिन साल 2016 में आदर्श ग्राम (Smart Village) योजना के शुरू किए जाने के बाद यह गांव पूरी तरह से बदल गया। इस गांव में लगभग 2 हजार लोग रहते हैं, जिनके घर ईंटों से बने हुए हैं और गांव की सड़कें रात में सोलर स्ट्रीट लाइट्स की मदद से रोशन रहती हैं।

धनौरा (Dhanora) गांव को आदर्श ग्राम (Smart Village) होने का पुरस्कार भी मिल चुका है, जबकि इस गांव का राज्य स्तरीय पंचायत अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। धनौरा (Dhanora) गांव में कौशल विकास केंद्र, मेडिटेशन सेंटर और पब्लिक लाइब्रेरी भी मौजूद है, जहां बच्चों से लेकर युवा तक हर उम्र का व्यक्ति ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

धनौरा (Dhanora) गांव को आदर्श ग्राम (Smart Village) योजना के तहत इको नीड्स फाउंडेशन ने गोद लिया था, जिसके बाद इस गांव को स्मार्ट बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। इस योजना के तहत धनौरा गांव के विकास के कई अहम कदम उठाए गए थे, जिसमें साफ सफाई से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, साफ पेय जल, बिजली, सोलर पावर और पानी का बचाव करने जैसी चीजें शामिल हैं।

इस तरह लगभग 2 साल तक काम करने के बाद धनौरा (Dhanora) गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में पहचान मिली, जहां आज स्थानीय लोगों के जीवन यापन लायक सभी मूलभूत सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं। आपको बता दें कि कोई भी गांव स्मार्ट तब कहलाता है, जब वहां बिजली, पानी, विकास, आजीविका और रेट्रोफिटिंग जैसी 5 आवश्यक चीजें मौजूद हैं।

राजस्थान के इस गांव में शुरुआत में पक्की सड़कें नहीं थी, जिसकी वजह से लोगों को कच्ची सड़क पर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लेकिन आज इस गांव में पक्की और चौड़ी सड़कें मौजूद हैं, जो धनौरा (Dhanora) गांव को राजस्थान के अन्य गांवों और शहरों से जोड़ने का काम करती हैं।

इन नई सड़कों के किनारे पक्के आवास, कम्युननिटी हॉल, स्कूल, वेस्ट वाट मैनेजमेंट प्लांट, हरे भरे पेड़ पौधे और खेल कूद के क्षेत्र को विकसित किया गया है, ताकि धनौरा (Dhanora) गांव में आने वाले हर व्यक्ति को यहां की सुविधाओं के बारे में जानकारी हो सके।

इस गांव में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर सेंटर, स्कूल और पब्लिक लाइब्रेरी भी खोली गई है, जहां बिजली की खपत को पूरा करने का काम सोलर प्लांट करता है। इतना ही नहीं रात के समय भी धनौरा (Dhanora) गांव की सड़कों पर अंधेरा नहीं होता है, क्योंकि इस गांव में सोलर ऊर्जा से चलने वाली स्ट्रीट लाइट्स को इंस्टॉल किया गया है। यह एक ऐसा गांव है, जिसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी की सुविधा का ख्याल रखकर तैयार किया गया है।

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