शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का अब दिखेगा असर, कहीं अचानक धनलाभ तो कहीं छाएगी कंगाली

नई दिल्ली। शनि देव 17 जनवरी 2023 को मकर राशि से कुंभ राशि में आ चुके हैं. जिससे कुछ राशियों को फायदा तो कुछ को नुकसा होगा. जिन जातकों की साढ़ेसाती शुरू हुई है, उनको सावधानी बरतनी होगी.

शनि देव के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को संभल कर रहना होगा. क्योंकि आप लोगों पर ढैय्या का कष्टमय प्रभाव शुरू हो गया है.शनि देव, कर्क राशि वालों की गोचर कुंडली में 8वें भाव में संचरण कर रहे हैं तो वहीं वृश्चिक राशि के जातकों की गोचर कुंडली में चतुर्थ भाव में हैं. हो सकता है आपके साथ काम बनते बनते बिगड़ जाए. लेकिन अगर कोई बिजनेस करते हैं तो मुनाफा हो सकता है.

अब मीन राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो गयी है. साथ ही कुंभ राशि पर दूसरा चरण और मकर राशि पर तीसरा चरण शुरु हो गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है, दूसरे चरण में सेहत और तीसरे चरण में शनिदेव कुछ देकर जाते हैं. यानि की अचानक धनलाभ के योग बन जाते हैं.

क्या करें, क्या ना करें
शनिवार को शनि देव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि स्त्रोत का पाठ करना चाहिए.
शनिवार को जरूरमंद और सफाई कर्मचारियों को कुछ न कुछ दान देना चाहिए.
पीपल में नियमित रूप से शनिवार को दूध और जल मिलाकर चढ़ाना चाहिए.
साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित राशियों के लोगों को चींटियों को चीनी मिलाकर आटा खिलाना चाहिए.
शनि की दशाओं में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए, खासकर शनिवार और मंगलवार को बिल्कुल नहीं.
शनि की दशाओं में जितना हो सके, कानूनी मामलों से बचना चाहिए और समस्या को मिल बैठकर सुलझा लेना चाहिए.
शनि की दशाओं में निर्धन, मजदूर या सेवक को परेशान नहीं करना चाहिए.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper