सोनभद्र में अवैध खनन को लेकर NGT ने उठाया बड़ा कदम

खनन अधिनियम के साथ ही पर्यावरण को हुई क्षति का भी नियमानुसार आकलन करते हुए वसूली करने का आदेश दिया

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश का जनपद सोनभद्र बालू और गिट्टी के खनन के लिए प्रदेश ही नहीं वरन् सीमावर्ती अन्य प्रदेशों में भी जाना जाता है l सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह ज़िला वैध से अधिक अवैध खनन के लिए चर्चा में रहता है l जिले के खनन क्षेत्र में अचानक से चर्चाओं का बाज़ार इसलिए गरम हो गया है क्योंकि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने अवैध खनन के एक मामले में ई डी को भी अपने आदेश की प्रति भेजते हुए आदेश के अनुपालन के लिए कहा है l

आल इंडिया कैमूर पीपुल्स फ़्रंट ने एन जी टी में प्रार्थना पत्र सo 61/2022 के माध्यम से जनपद सोनभद्र के ओबरा तहसील अंतर्गत बिल्ली मारकुण्डी खनन क्षेत्र में चेक डैम ( ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छोटे डैम ) और नालों , डैम तथा रेलवे पिट के पचास मीटर की परिधि में अवैध खनन का आरोप लगाया था l प्रार्थी ने खनन के दिशा निर्देशों एवं पर्यावरण के मानदंडों के साथ ही खनन अधिनियम 1963 की अवहेलना का भी आरोप लगाया था l अपने पत्र में प्रार्थी ने राजेश कुमार पुत्र स्वर्गीय कालीराम , फ़रीदा बेगम पत्नी इम्तियाज़ अहमद निवासी गण चोपन , सोनभद्र , मेo बी सी एस इण्टरप्राइजेज , प्रोo चंद्रभूषण गुप्ता पुत्र रामलखन गुप्ता , निवासी ओबरा मिला सोनभद्र एवं मेo ईशान कंस्ट्रक्शन , प्रोo अफ़रीना खान पत्नी इश्तियाक़ निवासी बिल्ली मारकुंडी , ओबरा का नाम अवैध खनन कर्ताओं के रूप में दिया था l

उक्त प्रार्थना पत्र के परिप्रेक्षय में एन जी टी ने दिनांक 23.03.2022 को जारी आदेश में ज़िलाधिकारी , सोनभद्र , मुख्य विकास अधिकारी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया कि शिकायत की जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही करें साथ ही एन जी टी को एवं सम्बंधित अवैध खनन कर्ताओं को भी सूचित किया जाय जिससे वो अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकें l एन जी टी के आदेशों के पालन में सम्बन्धियों द्वारा एक रिपोर्ट दिनांक 25.05.2022 को दाख़िल की गयी l दाख़िल रिपोर्ट के अनुसार सम्बंधित अधिकारियों द्वारा दिनांक 21.05.2022 को मौक़ा मुआयना किया गया तथा अवैध खनन की पुष्टि हुई l यह भी पाया गया कि राजेश कुमार और फ़रीदा बेगम पूर्व में भी अवैध खनन में संलिप्त पाए गए थे और 3749840 रुपया , बी सी बी इण्टरप्राइजेज ने 2679440 रुपया और ईशाना कन्स्ट्रक्शन ने 11999000 रुपया बतौर अर्थदंड जमा किया था जिसकी पुष्टि रिपोर्ट में की गयी थी l दूसरी तरफ़ आरोपियों ने अपने जवाब में अवैध खनन से इंकार किया था l

एन जी टी ने अपने दिनांक 16 अगस्त 2022 के आदेश में खनन अधिनियम के साथ ही पर्यावरण को हुई क्षति का भी नियमानुसार आकलन करते हुए वसूली करने का आदेश दिया है l अपने आदेश की प्रति ज़िलाधिकारी , राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ई डी को अनुपालनार्थ भेजने का आदेश दिया है l

रविंद्र केसरी की रिपोर्ट

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