इस्राइल के पूर्व पीएम नेफ्ताली बेनेट और येर लैपिड की पार्टियों का विलय, नेतन्याहू की बढ़ेंगी मुश्किलें
तेल अवीव : इस्राइल के प्रधानमंत्री (PM) बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही ईरान युद्ध (Iran War) के चलते लोगों की आलोचना झेल रहे हैं। अब नेतन्याहू की परेशानी ओर बढ़ने वाली है। दरअसल इस्राइल के पूर्व पीएम नेफ्ताली बेनेट और येर लैपिड (Yair Lapid) की राजनीतिक पार्टियों का विलय हो गया है। दोनों ने मिलकर ‘न्यू टुगेदर’ नाम से नई पार्टी बनाई है, जिसका नेतृत्व नेफ्ताली बेनेट करेंगे।
यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने शनिवार को अपनी-अपनी पार्टियों येस एटिड और बेनेट 2026 के विलय का एलान किया। इस्राइल में आगामी अक्तूबर तक आम चुनाव होने हैं। ऐसे में न्यू टुगेदर के बैनर तले ही दोनों पार्टियों के नेता चुनाव लड़ेंगे। इस विलय से विपक्षी गुट को मजबूती मिलने की उम्मीद है और इससे इस्राइल के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

पूर्व पीएम नेफ्ताली बेनेट ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, मैं अपने देश के लिए अब तक का सबसे देशभक्तिपूर्व और यहूदीवादी कदम उठा रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह एकता विभाजन के युग का अंत है। येर लैपिड ने भी मतदाताओं से नई पार्टी का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को नेफ्ताली बेनेट के पीछे एकजुट होना चाहिए। उन्होंने हंगरी का उदाहरण दिया, जहां एकजुट विपक्ष ने जीत हासिल की।

नई पार्टी ने एलान कर दिया है कि वे सिर्फ यहूदी दलों के साथ गठबंधन करेंगे और अरब दलों के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। नई पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो उनकी सरकार 7 अक्तूबर के हमलों की जांच के लिए आयोग गठित करेगी। साथ ही सार्वभौमिक सैन्य भर्ती कानून को लागू किया जाएगा। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल को 8 साल तक किया जाएगा। बेनेट और लैपिड ने अपनी पार्टियों के विलय के मौके पर यशर पार्टी के नेता आइजेनकोट को भी गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया।
