जापान में तूफान ‘डुजुआन’ का कहर, रिकॉर्ड बारिश से बाढ़-भूस्खलन ने मचाई तबाही; 2 की मौत, 4 लापता
नई दिल्ली: जापान के पूर्वी इलाकों में शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ‘डुजुआन’ ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण राजधानी टोक्यो और आसपास के इलाकों में भीषण बाढ़ आ गई, जबकि कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई है और 4 अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
टोक्यो के आसपास बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़े

टाइफून डुजुआन भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ पूर्वी जापान में पहुंचा, जिसके बाद कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। मंगलवार को कांटो क्षेत्र के पास से गुजरने के बाद तूफान जापान के पूर्वी तट से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ गया। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी रहा, जबकि स्थानीय लोग घरों और सड़कों से कीचड़ और मलबा हटाते नजर आए।
24 घंटे में करीब 600 मिलीमीटर बारिश
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इज़ु द्वीपों के ओशिमा क्षेत्र में केवल 24 घंटे में करीब 600 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के बाद मौसम एजेंसी ने भूस्खलन को लेकर सबसे गंभीर स्तर की चेतावनी जारी की।
अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया है कि बारिश थमने के बाद भी खतरा खत्म नहीं हुआ है। लगातार बारिश के कारण जमीन के भीतर पानी जमा होने से कमजोर मिट्टी दोबारा खिसक सकती है और नए भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
मडस्लाइड में महिला की मौत, कई इलाकों में तलाश जारी
एनएचके के अनुसार, योकोसुका में 60 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। बताया गया कि मलबे का तेज बहाव उसके घर पर आ गिरा। मियुरा प्रायद्वीप में भी कई घर भूस्खलन की चपेट में आए हैं। यहां बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
चिबा के कई हिस्सों में भी बाढ़ की स्थिति बन गई। भारी बारिश के बीच अधिकारियों ने भूस्खलन, घरों को नुकसान, सड़कों पर पानी भरने और जलमार्गों के उफान पर होने की जानकारी दी।
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सैकड़ों उड़ानें रद्द, रेल और सड़क यातायात प्रभावित
तूफान के कारण पूर्वी जापान में परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। भारी बारिश और बाढ़ के चलते सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई रेलवे लाइनें बंद रहीं, जबकि प्रमुख सड़कों के कुछ हिस्सों पर भी यातायात रोकना पड़ा।
बिजली आपूर्ति पर भी तूफान का असर पड़ा। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के मुताबिक, डुजुआन के आगे बढ़ने के दौरान प्रभावित इलाकों में करीब 50,000 घरों की बिजली चली गई।
10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए एक समय पर 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने दोहराया है कि बारिश कम होने के बाद भी खतरा बना रह सकता है। जमीन में मौजूद अतिरिक्त पानी के कारण मिट्टी कमजोर हो सकती है और अचानक भूस्खलन हो सकता है। ऐसे में राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

