हरमनप्रीत कौर की 91 रनों की तूफानी पारी, कप्तानी छोड़ने के बाद पहले इंटरव्यू में छलके आंसू; माइक फेंकने के अंदाज ने बढ़ाई चर्चा
रायपुर: जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने बल्ले से ऐसा धमाल मचाया कि भारतीय टीम बड़े स्कोर तक पहुंच गई। उन्होंने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन ठोक दिए और भारत को 216/7 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद भारत ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की और हरमनप्रीत को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लेकिन कप्तानी छोड़ने के बाद अपने पहले बड़े प्रदर्शन के बीच उनका भावुक इंटरव्यू भी चर्चा का विषय बन गया।41 गेंदों में 91 रन, चौकों-छक्कों की बरसात
हरमनप्रीत कौर ने अपनी विस्फोटक पारी में 10 चौके और 5 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 221.95 रहा। उन्होंने मैदान पर खुलकर बल्लेबाजी की और अपनी पारी के दम पर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह कप्तानी छोड़ने के बाद उनकी पहली बड़ी पारियों में से एक थी, जिसमें उन्होंने अपने खेल का दमदार प्रदर्शन किया।
इंटरव्यू के दौरान भावुक हुईं हरमनप्रीत
मैच के दौरान प्रसारकों से बातचीत शुरू करते समय हरमनप्रीत के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन जैसे-जैसे सवाल-जवाब आगे बढ़े, वह भावुक नजर आने लगीं। उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए और उन्होंने अपने जज्बात संभालने की कोशिश की। इंटरव्यू खत्म होने के बाद माइक को एक तरफ फेंकने जैसा उनका अंदाज भी चर्चा में आ गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने माइक फेंका था या पास खड़े किसी व्यक्ति को दिया था।

कप्तानी छोड़ने के बाद पहला इंटरव्यू, टीम में सब ठीक होने पर सवाल
भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद यह हरमनप्रीत का पहला इंटरव्यू था। उनकी भावुक प्रतिक्रिया के बाद टीम के भीतर के माहौल को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। कुछ लोगों ने इसे कप्तानी में बदलाव से जोड़कर देखा, हालांकि इंटरव्यू के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि टीम में सब कुछ ठीक नहीं है या उनसे कप्तानी जबरन ली गई।
अब स्मृति मंधाना को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2026 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पिछले साल टीम ने विश्व कप भी अपने नाम किया था। वहीं, 2026 टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन खराब रहा था।
हरमनप्रीत ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर क्या कहा?
इंटरव्यू में हरमनप्रीत ने कहा कि उन्हें अपनी बल्लेबाजी के दौरान काफी अच्छा लगा। वह खुद को खेल का आनंद लेने देना चाहती थीं और खुश थीं कि उन्हें क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा देर तक बल्लेबाजी करना और मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना था।

कोचिंग स्टाफ को दिया अपनी पारी का श्रेय
हरमनप्रीत ने बातचीत के दौरान डब्ल्यूवी रमन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि टीम में आने के बाद रमन ने उनसे कहा था कि वह वही करें, जो करना चाहती हैं। हरमनप्रीत ने उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह अपने खेल का आनंद लेना चाहती हैं।
नेट्स में तैयारी को लेकर उन्होंने हिमांशु भैया का आभार जताया। हरमनप्रीत के मुताबिक, पिछले दो मैचों के बाद उन्हें नेट्स में अभ्यास का समय मिला और उनकी इस पारी में उस तैयारी की अहम भूमिका रही। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने आजादी के साथ बल्लेबाजी की, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, बिल्कुल।”
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