नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार को लेकर गोण्डा में जागरूकता अभियान, 400 छात्राओं ने लिया हिस्सा

गोण्डा के सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज में 15 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रचार-प्रसार के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के बीच नारी सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

मानव श्रृंखला बनाकर दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्राओं द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर की गई। इस दौरान सभी ने “हम होंगे कामयाब” गीत प्रस्तुत करते हुए नारी शक्ति के समर्थन में नारे लगाए और समाज में महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
पदयात्रा निकालकर किया जनजागरूकता अभियान
इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने नारी शक्ति पदयात्रा निकाली। पदयात्रा के दौरान छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण से जुड़े नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक किया और समाज में महिलाओं की भूमिका और अधिकारों के प्रति संदेश फैलाया।
बड़ी संख्या में छात्राओं की सहभागिता

इस पूरे कार्यक्रम में महाविद्यालय और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की लगभग 400 छात्राओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। छात्राओं का उत्साह और सहभागिता कार्यक्रम की सफलता का प्रमुख आधार रही।
कार्यक्रम का नेतृत्व और प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मौसमी सिंह और डॉ. नीतू सिंह के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की व्यवस्थापिका डॉ. आनन्दिता रजत, श्रीमती रंजना बन्धु, डॉ. नीलम छाबड़ा, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. आशु त्रिपाठी, डॉ. साधना गुप्ता, डॉ. रश्मि द्विवेदी, डॉ. अमिता श्रीवास्तव, श्रीमती गीता श्रीवास्तव, कंचनलता पाण्डेय, सुनीता मिश्रा, सुनीता पाण्डेय, अनु उपाध्याय, प्रियंका त्रिपाठी, डॉ. कुमकुम सिंह, सुषमा सिंह, डॉ. विमला पाण्डेय, किरन पाण्डेय, जया त्रिपाठी, हिमांशी शुक्ला, मोनिका श्रीवास्तव, मानवेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, सुबेन्दु वर्मा, अरविन्द कुमार पाठक, मंगली राम, विजय प्रकाश, मनोज सोनी, दिनेश मिश्रा और दिनेश श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने समाज में नारी सशक्तिकरण, समान अधिकार और जागरूकता का संदेश दिया। यह पहल उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और सहभागिता को भी दर्शाती है।
