राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न

राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस आज अत्यंत गरिमा, उल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के आदरणीय कुलपति प्रो. भृगु नाथ सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके उपरांत उन्होंने ससम्मान गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति प्रो. भृगु नाथ सिंह ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक विधिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक जीवंत, समावेशी और गतिशील विचार है। इसने विविधताओं और वैभव से परिपूर्ण देश की आशाओं, आकांक्षाओं एवं संघर्षों को बीते 76 वर्षों से आत्मसात करते हुए स्वयं को समय के अनुरूप परिष्कृत किया है और राष्ट्र को निरंतर प्रगति, न्याय एवं समरसता के पथ पर अग्रसर रखा है। उन्होंने आगे कहा कि संविधान समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों का मार्गदर्शक है तथा यह हमें स्मरण कराता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का ईमानदार निर्वहन भी प्रत्येक नागरिक की मूल जिम्मेदारी है।


कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। साथ ही उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्रों में आरंभ होने वाले नवीन पाठ्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के भविष्यगत शैक्षणिक दृष्टिकोण से सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में राजकीय इंटर कॉलेज, फुर्सतगंज तथा दयानंद किसान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके अतिरिक्त, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की सशक्त एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षकगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण सहित स्थानीय पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की भव्यता और गरिमा और भी बढ़ गई।

