किसानों के हित में गन्ना कटाई एवं छिलाई हेतु ’मिनी केन हारवेस्टर’ का गन्ना शोध में हुआ सजीव प्रदर्शन

शाहजहाँपुर ,10 जनवरी। प्रदेश में गन्ना खेती को अधिक आधुनिक, श्रम-संरक्षणकारी एवं लागत-प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत गन्ना शोध प्रक्षेत्र पर गन्ना कटाई एवं छिलाई हेतु उन्नत कृषि यंत्र ‘केन हारवेस्टर’ का सफल सजीव प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर यंत्रीकृत तकनीक द्वारा गन्ना कटाई एवं छिलाई की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित कृषकों एवं अधिकारियों द्वारा उपयोगी बताया गया।
कार्यक्रम में निदेशक श्री वी.के. शुक्ल एवं अपर गन्ना आयुक्त (समितियाँ) डा. बी.बी. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों की आमदनी बढ़ाने व लागत कम करने के लिए गन्ना कटाई/छिलाई हेतु मशीनीकरण अर्थात् ’मिनी केन हारवेस्टर’ की व्यवस्था वर्तमान परिवेश में श्रम की कम उपलब्धता एवं श्रम की दिन प्रतिदिन बढ़ती लागत के दृष्टिगत अनिवार्य घटक हो गया है। अतः ’केन हारवेस्टर’ का प्रयोग गन्ना खेती के भविष्य के लिए आवश्यक है। इससे श्रमिकों पर निर्भरता कम होगी, समय की बचत होगी तथा किसानों की उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही गन्ना कटाई की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
सजीव प्रदर्शन कार्यक्रम में मुरादाबाद, लखनऊ एवं बरेली परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी, सम्भागीय विख्यापन अधिकारी, शोध वैज्ञानिक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, समितियों के सचिव ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त तीनों परिक्षेत्रों की विभिन्न गन्ना समितियों के चेयरमेन, चीनी मिल प्रतिनिधि तथा प्रगतिशील गन्ना कृषक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने यंत्रीकृत कटाई प्रणाली को व्यवहारिक, समयोपयोगी एवं किसानों के लिए लाभकारी बताया।


कार्यक्रम के दौरान शोध प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया, जिसमें नवीन विकसित उन्नत गन्ना किस्मों का अवलोकन कराया गया। इसके साथ ही गन्ने के साथ की जा रही विभिन्न प्रकार की अन्तःफसली खेती यथा आलू, गेंदा, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज, सब्जी मटर, मसूर, सरसों एवं लहसुन
को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जो अतिरिक्त आय अर्जन, भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की दृष्टि से आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा कृषकों को यह भी बताया गया कि आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत किस्मों एवं वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर गन्ना उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आय में भी सतत वृद्धि संभव है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कृषकों से आह्वान किया गया कि वे ‘केन हारवेस्टर’ जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर गन्ना खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।
यह सजीव प्रदर्शन गन्ना क्षेत्र में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने तथा किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। शाहजहांपुर से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

