लखनऊ में आवारा कुत्तों का कहर, पार्क में झूला झूल रहे बच्चों पर हमला, 5 साल की बच्ची को दौड़ाकर काटा

लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही घटनाओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामलों में राजाजीपुरम इलाके के एक पार्क में झूला झूल रहे बच्चों पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया, जबकि मौलवीगंज में घर से सामान लेने निकली पांच साल की बच्ची को आवारा कुत्ते ने दौड़ाकर काट लिया। दोनों घटनाओं के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।

पार्क में झूला झूलते बच्चों पर कुत्तों का हमला
राजाजीपुरम के मीना बेकरी चौराहे से ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग के पीछे स्थित पार्क में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब झूला झूल रहे बच्चों पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। 18 जनवरी की यह घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे हैं और कुत्ते उनके पीछे दौड़ते नजर आ रहे हैं। राहत की बात यह रही कि बच्चे किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इलाके में दहशत, लोगों में बढ़ता गुस्सा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पार्क और आसपास के इलाकों में 10 से ज्यादा आवारा कुत्ते सक्रिय हैं, जो आए दिन राहगीरों और बच्चों पर झपट पड़ते हैं। लोगों के मुताबिक, सुबह और शाम के समय यहां से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन अब तक न तो आक्रामक कुत्तों को पकड़ा गया और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला गया। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मौलवीगंज में 5 साल की बच्ची पर कुत्ते का हमला

दूसरी घटना मौलवीगंज इलाके की है, जहां पीहू प्रजापति नाम की पांच साल की बच्ची घर से सामान लेने के लिए निकली थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने उसे दौड़ाकर काट लिया। परिजनों के अनुसार, हमला अचानक हुआ और बच्ची संभल भी नहीं पाई। घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद बच्ची की मां ममता देवी ने नगर निगम अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पालतू कुत्तों को लेकर भी उठे सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाके में कुछ लोग कुत्ते पालते हैं, जिन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। ये कुत्ते कई बार आक्रामक हो जाते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी हमले में किसी व्यक्ति को चोट आती है या जान जाती है, तो नगर निकाय के साथ-साथ डॉग फीडर्स की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा था कि इस मामले को हल्के में न लिया जाए और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने से कोर्ट पीछे नहीं हटेगा।

