उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, 2775 में से 2581 भवनों का निर्माण पूरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में प्रस्तावित 2775 आंगनवाड़ी केंद्र भवनों में से 2581 का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष 194 भवनों का निर्माण भी तेजी से प्रगति पर है और इन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा।

निर्माण, सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर जोर
राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण, मरम्मत और आधुनिकीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं एक ही सुरक्षित परिसर में उपलब्ध कराना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की अहम भूमिका
महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, जिससे सामाजिक विकास को नई गति मिल सके।
नए भवनों में अनिवार्य सुविधाओं की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि नए आंगनवाड़ी भवनों में बच्चों के अनुकूल कक्ष, पोषण कक्ष, बैठक स्थल, शौचालय और सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से विकसित की जा रही हैं, ताकि केंद्र पूरी तरह उपयोगी और सुरक्षित बन सकें।
किराये से पक्के भवनों की ओर स्थानांतरण
प्रदेश में किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से नए पक्के भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इन भवनों में साफ-सुथरे कमरे, रसोईघर, शौचालय, पेयजल सुविधा, खेल सामग्री और बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

कुपोषण के खिलाफ अभियान को मिलेगी मजबूती
योगी सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव और शहरी वार्ड स्तर पर सुरक्षित, आधुनिक और सुसज्जित आंगनवाड़ी केंद्र उपलब्ध हों। इससे कुपोषण के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूती मिलेगी और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को बेहतर आधार मिलेगा।
डिजिटल निगरानी से बढ़ी पारदर्शिता
आंगनवाड़ी सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए पोषण ट्रैकर और डिजिटल पंजीकरण जैसी व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों की निगरानी पारदर्शी और वास्तविक समय में संभव हो सके।
बेहतर ढांचे से बढ़ा भरोसा
नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों की नियमित उपस्थिति में वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुरक्षित एवं बेहतर कार्य वातावरण मिल रहा है।

