Friday, April 10, 2026
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आईवीआरआई में बायोक्लाइमेटोलाॅजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नवाचार विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

बरेली, 20 मार्च। भाकृअनुप–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर में “जलवायु-लचीले एवं सतत पशुधन प्रणालियाँ: बायोक्लाइमेटोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नवाचार” विषय पर 21 दिवसीय भारतीय क़ृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित सेंटर फॉर एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग (CAFT) कार्यक्रम का कल सफलतापूर्वक समापन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक (शोध) आईवीआरआई तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रूपसी तिवारी, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में डॉ. एस. के. सिंह ने जलवायु-लचीली एवं सतत पशुधन उत्पादन प्रणालियों के विकास हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अत्याधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी उपकरणों तथा उन्नत कोशिकीय एवं शारीरिकीय दृष्टिकोणों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

कार्यक्रम के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने इस प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कार्यक्रम देशभर के पशु चिकित्सा एवं कृषि विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों की शोध एवं शिक्षण क्षमताओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने सेंटर फॉर एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग कार्यक्रम की उत्पत्ति, इतिहास एवं उद्देश्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि यह इस श्रृंखला का 51वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम है। उन्होंने आईसीएआर शिक्षा प्रभाग, विशेषकर एडीजी (एचआरडी), के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इससे पूर्व पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. हरि अब्दुल समद ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के 17 सहायक प्रोफेसर एवं वैज्ञानिकों ने भाग लिया। प्रतिभागी पंजाब, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से थे, जिनमें 9 पुरुष एवं 8 महिला प्रतिभागियों की संतुलित भागीदारी रही।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत देश के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों एवं टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय (अमेरिका) के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए गए। इसके अतिरिक्त प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा आईवीआरआई मुक्तेश्वर परिसर का शैक्षिक भ्रमण भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र सिंह (विभागाध्यक्ष, जैव रसायन), डॉ. नारायण दत्ता (अध्यक्ष, पशु पोषण), डॉ. प्रवीण सिंह (प्रभारी, सीआईएफ) सहित वरिष्ठ वैज्ञानिक—डॉ. वी. पी. मौर्य, डॉ. वी. बी. चतुर्वेदी, डॉ. विक्रांत सिंह चौहान, डॉ. सुनील जाधव, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. सुदीप्त पांडा, डॉ. अंजू कला एवं डॉ. यशोथा टी.—तथा संस्थान के छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक भविष्य में पाठ्यक्रम के उन्नयन एवं परिष्करण में सहायक होगा।

कार्यक्रम के सह-समन्वयक डॉ. विकास चंद्र ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में सह-समन्वयक डॉ. ए. पी. मधुसूदन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए संस्थान प्रशासन, आईसीएआर शिक्षा प्रभाग, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं छात्रों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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