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मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच आई अच्छी खबर, ईरान ने भारत-चीन समेत 5 देशों के लिए खोला होर्मुज

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि केवल “दुश्मनों” के लिए प्रतिबंधित किया गया है। राज्य टीवी पर दिए बयान में उन्होंने कहा, “हमारे दृष्टिकोण से होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है। यह केवल हमारे दुश्मनों और उनके सहयोगियों के लिए बंद है। उनके जहाजों को गुजरने की अनुमति देने का कोई कारण नहीं है।”

उन्होंने दावा किया कि तेहरान की सशस्त्र सेनाएं मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान कर रही हैं। अराघची के अनुसार, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों व तेल टैंकरों को रोका जा रहा है, जबकि अन्य देशों के जहाज समन्वय के बाद सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है और शिपिंग कंपनियां संकट का सामना कर रही हैं। ईरान का कहना है कि मार्ग पूरी तरह बंद नहीं, बल्कि चयनात्मक रूप से नियंत्रित किया जा रहा है।

ईरान के अनुसार, चीन, भारत, इराक, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का एक अहम चोक पॉइंट है, जहां से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस मार्ग पर नियंत्रण कड़ा कर दिया गया है। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान की नीति “प्रतिरोध” जारी रखने की है और वह बातचीत के मूड में नहीं है। उनके अनुसार, इस समय वार्ता की बात करना “समर्पण” के समान होगा।

यह बयान व्हाइट हाउस की उस टिप्पणी के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि वह शांति समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा था कि बातचीत जारी है और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

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