विधि विभाग एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में शोधार्थी नईमुद्दीन का वायवा पीएचडी प्रस्तुतीकरण संपन्न

बरेली, 30 मई। विधि विभाग एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली मे आज शोधार्थी नईम उद्दीन का पीएचडी वायवा प्रस्तुतीकरण कार्यकम संपन्न हुआ। प्रस्तुतीकरण में बाह्य परीक्षक के रूप में,प्रोफेसर सी.पी.सिंह, पूर्व संकायाध्यक्ष विधि विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय , विभागाध्यक्ष प्रो अमित सिंह, शोधार्थी सुपरवाइजर प्रो ओ. पी.रॉय प्राचार्य बरेली कॉलेज बरेली,प्रो वी . के . गुप्ता, एसोसिएट प्रो.डॉ अरुण प्रकाश सिंह, डॉ संजय यादव बरेली कॉलेज बरेली उपस्थित रहे।सभी अतिथिगण का स्वागत प्लांट और शॉल भेंट कर किया गया।

वायवा प्रेजेंटेशन शोधार्थी नईमउद्दीन ने शीर्षक पेटेंट लॉ एंड फार्मास्युटिकलस विथ रेफरेंस टू जेनेरिक मेडिसिन इन इंडिया: ए क्रिटिकल स्टडी पर दिय। शोधार्थी द्वारा पेटेंट लॉ और जेनेरिक मेडिसिन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए जेनेरिक मेडिसिन को ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ होना,अनिवार्य लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल और उदार बनाना ,एलोपैथिक जेनेरिक दवाओं की स्पष्ट नीति विकसित करने की आवश्यकता एवं पैटर्न अधिकार और सार्वजनिक आवश्यकताओं में संतुलन बनाए जाने का सुझाव शोध में दिया। शोध प्रो ओ.पी.रॉय प्राचार्य बरेली कॉलेज बरेली की सुपरविजन में पूर्ण किया।
द्वितीय प्रस्तुति प्री.पी. एच.डी.प्रेजेंटेशन रिसर्च स्कॉलर अशोक सागर ने शीर्षक भारत में यौन अपराध: एक सामाजिक विधिक अध्ययन पर दिया सभी ने शोधार्थी को शोध बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए शोधार्थी द्वारा शोध प्रो गुरमीत सिंह के जी के कॉलेज मुरादाबाद के सुपरविजन में पूर्ण किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधि विभाग के शिक्षक डॉ शहनाज अख्तर, डॉ लक्ष्मी देवी , डॉ प्रवीण कृष्ण चौहान , डॉ नईमुद्दीन डॉ प्रीति वर्मा,सुश्री प्रेक्षा सिंह , डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ निधि शंकर , श्रीमति ज्योति मिश्रा, डॉ सचिन रस्तोगी, प्रियदर्शिनी रावत, रविकर यादव तथा रिसर्च स्कॉलर शैलेंद्र सिंह ,श्रद्धा स्वरूप, सचिन कुमार एवं एल एल एम की छात्र-छात्राएं और विधि विभाग के अन्य कर्मचारी गुलाब सिंह ,राम वचन , रामनाथ, मोहित आदि सभी उपस्थित रहे।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
