Tuesday, October 13, 2026
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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में मंदारिन भाषा शिक्षण से खुल रहे वैश्विक अवसर, चीनी लिपि की बारीकियां सीख रहे विद्यार्थी

बरेली, 13अक्टूबर। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में मंदारिन चीनी भाषा का अध्ययन विद्यार्थियों को नई भाषायी दक्षताओं के साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अवसरों से जोड़ रहा है। विश्वविद्यालय के बहुभाषा उत्कृष्टता केन्द्र में संचालित इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थी चीनी लिपि की संरचना, इतिहास और सांस्कृतिक महत्त्व को समझते हुए भाषा के व्यावहारिक पक्षों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
ताइवान की मंदारिन भाषा शिक्षिका चियाली चेन के मार्गदर्शन में विद्यार्थी चीनी अक्षरों की बनावट, उन्हें लिखने के निर्धारित क्रम तथा उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं का अध्ययन कर रहे हैं। शिक्षण प्रक्रिया में व्यावहारिक प्रदर्शन, नियमित लेखन-अभ्यास और रोचक सांस्कृतिक प्रसंगों को शामिल किया गया है, जिससे विद्यार्थियों के लिए चीनी लिपि को समझना अधिक सहज एवं रुचिकर बन रहा है।
चीनी भाषा के 山 (शान—पर्वत), 日 (री—सूर्य) और 月 (यूए—चंद्रमा) जैसे अक्षरों के माध्यम से विद्यार्थी प्राचीन चीनी लेखन परंपरा और प्रकृति के बीच संबंधों को समझ रहे हैं। अक्षरों की संरचना और लेखन-क्रम का अभ्यास विद्यार्थियों में भाषा के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ उनकी एकाग्रता, धैर्य और सूक्ष्म निरीक्षण क्षमता को भी प्रोत्साहित कर रहा है।
भाषा विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष एवं बहुभाषिक केंद्र की समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्ष 2023 से मंदारिन चीनी भाषा का पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। विश्वविद्यालय के कई विद्यार्थी मंदारिन भाषा के उच्च अध्ययन के लिए ताइवान में छात्रवृत्तियाँ भी प्राप्त कर चुके हैं।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने मंदारिन भाषा कार्यक्रम को प्रोत्साहित करते हुए कहा विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत और ताइवान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करना तथा विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग और विद्यार्थी विनिमय के अधिक अवसर विकसित करना है।
मंदारिन भाषा का यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा में भाषा सीखने से आगे बढ़कर एक अलग सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से परिचित करा रहा है। चीनी अक्षरों के नियमित अभ्यास और उनके ऐतिहासिक संदर्भों के अध्ययन से विद्यार्थी भाषा की विशिष्टताओं को समझने के साथ दूसरी संस्कृति के प्रति अपनी संवेदनशीलता भी विकसित कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय में मंदारिन भाषा शिक्षण की यह पहल बहुभाषिक शिक्षा, अंतर-सांस्कृतिक संवाद और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय के प्रयासों को रेखांकित करती है। इससे विद्यार्थियों को न केवल एक नई भाषा सीखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि वैश्विक शैक्षणिक परिदृश्य में अपनी संभावनाओं को विस्तार देने का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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