केरल में नाबालिग बेटे से मर्सिडीज से बुजुर्ग को कुचलने का मामला, जज पिता के खिलाफ भी केस दर्ज
तिरुवनंतपुरम: केरल में तेज रफ्तार मर्सिडीज कार की टक्कर से एक बुजुर्ग की मौत के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हादसे में इस्तेमाल की गई कार जज के नाम पर पंजीकृत है और आरोप है कि उसे उनका नाबालिग बेटा चला रहा था। केरल हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने जज को भी आरोपी बनाया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, बुजुर्ग की मौत
यह हादसा रविवार तड़के करीब दो से तीन बजे कंटेनर रोड पर हुआ था। पुलिस के अनुसार, जज की मर्सिडीज कार ने तेज रफ्तार में चित्तूर निवासी 55 वर्षीय जय बालकृष्णन की स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में बालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने कार चला रहे नाबालिग को हिरासत में लिया था, लेकिन उसे थाने से ही जमानत दे दी गई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने कार्रवाई को लेकर विरोध जताया। परिवार के प्रदर्शन के बाद नाबालिग को दोबारा हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जज पर भी अभद्रता करने का आरोप
मृतक के परिजनों ने नाबालिग के पिता यानी जज पर भी अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले में जज की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद पुलिस ने केरल हाईकोर्ट से उनके खिलाफ केस दर्ज करने की अनुमति मांगी। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद जज को भी आरोपी बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित न्यायाधीश त्रिशूर जिले के इरिनजालकुडा में तैनात हैं।
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199-ए के तहत कार्रवाई
पुलिस ने जज के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199-ए के तहत मामला दर्ज किया है। यह प्रावधान नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से जुड़े मामलों में वाहन के मालिक या अभिभावक की जिम्मेदारी से संबंधित है। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करना जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
सोमवार को नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। इस बीच, पुलिस ने मामले की जानकारी हाईकोर्ट को दी और जज के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी थी।

केरल विधानसभा में भी उठा मामला
इस घटना का मुद्दा सोमवार को केरल विधानसभा में भी उठाया गया। विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने नेडुम्बसेरी में हुए एक अन्य सड़क हादसे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस घटना में 19 वर्षीय युवक द्वारा चलाई जा रही मिनी कूपर कार की चपेट में आने से तीन युवाओं की मौत हो गई थी।
उन्होंने ऐसी घटनाओं के बार-बार सामने आने और मौजूदा मामले में नाबालिग के पिता पर हस्तक्षेप करने के आरोपों को गंभीर चिंता का विषय बताया। इस घटना के बाद नाबालिगों के वाहन चलाने और अभिभावकों की जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
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