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एअर इंडिया के ड्रीमलाइनर का स्विच हुआ बंद, प्लेन की उड़ानों पर लगी रोक

नई दिल्ली : एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के फ्यूल स्विच में खराबी की आशंका के मद्देनजर विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया। विमान के पायलटों ने ईंधन नियंत्रण स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। इस मामले पर एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमें इस बात की जानकारी है कि हमारे एक पायलट ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी है। यह प्रारंभिक सूचना प्राप्त होने के बाद हमने उक्त विमान को उड़ान भरने से रोक दिया है।’

सूत्रों के हवाले से कहा है कि विमान में 200 से अधिक लोग सवार थे। एअर इंडिया ने कहा, ‘पायलट की चिंताओं की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराने के लिए निर्माता कंपनी से संपर्क कर रहे हैं। इस मामले की जानकारी विमानन नियामक, डीजीसीए को दे दी गई है। डीजीसीए के निर्देश के बाद एअर इंडिया ने अपने बेड़े के सभी बोइंग 787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच की जांच की थी और कोई समस्या नहीं पाई थी।’ यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुए ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच चल रही है।

सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन के मुताबिक एअर इंडिया की उड़ान AI132 के चालक दल ने बताया कि बोइंग ड्रीमलाइनर के बाएं इंजन के फ्यूल स्विच को चालू करते समय यह ‘रन’ की स्थिति में लॉक होने की जगह ‘कट ऑफ’ होने की ओर बढ़ने लगा। इसकी वजह से उड़ान के दौरान अनजाने में इंजन बंद होने की संभावना बन सकती है।

एअर इंडिया के इस विमान ने रविवार रात नौ बजकर उन्नीस मिनट पर लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भरी। विमान सोमवार सुबह 11 बजकर 54 मिनट पर बंगलूरू में उतरा। मामले पर बोइंग ने कहा कि वह एअर इंडिया के संपर्क में है और इस मामले की समीक्षा में उनका सहयोग कर रहा है। मामले पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।

अहमदाबाद विमान हादसे से क्यों जुड़ रही समानता?
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में एअर इंडिया के लंदन जा रहे बोइंग 787-8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इस हादसे में 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) अहमदाबाद विमान हादसे की जांच कर रहा है।
एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल के भीतर बंद कर दी गई थी, जिससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।

यह सिस्टम विमान के इंजन को ईंधन की सप्लाई को नियंत्रित करता है। अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए तो इंजन बंद होने या ईंधन की आपूर्ति रुकने का जोखिम हो सकता है। इसलिए डीजीसीए ने इसे गंभीरता से लिया है। डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों से कहा है कि वे अपने बोइंग 787 और 737 बेड़े के सभी विमानों की तकनीकी जांच करें और रिपोर्ट सौंपें। अगर किसी विमान में खराबी पाई जाती है तो उसे तुरंत सुधारना होगा, तब तक वह विमान उड़ान के लिए नहीं चलाया जा सकेगा।

12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रही एएआईबी ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि हादसे वाले बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद बंद हो गए क्योंकि ईंधन की आपूर्ति रुक गई थी। एअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच में पता चला कि उड़ान के अंतिम क्षणों में, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट को दूसरे से यह पूछा कि उसने ईंधन स्विच को बंद क्यों किया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। जांच में पता चला कि उड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन स्विच कटऑफ में बदल गए थे, जिससे विमान के इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई। रिपोर्ट के बाद बोइंग के विमानों को ईंधन स्विच को लेकर सवाल उठे और आशंका जताई गई कि तकनीकी खराबी की वजह से ईंधन स्विच बंद हुए।

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