रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय को वेबोमेट्रिक्स रैंकिंग 2026 में बड़ी सफलता

बरेली, 11मार्च।(स्पेन की साइबरमेट्रिक लैब द्वारा प्रकाशित वेबोमेट्रिक्स विश्वविद्यालय रैंकिंग में विश्व के शीर्ष संस्थानों जैसे हार्वर्ड, एमआईटी और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय को प्रमुखता से दर्शाया गया है।)
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) ने वैश्विक शैक्षणिक मंच पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। स्पेन की प्रतिष्ठित साइबरमेट्रिक्स प्रयोगशाला (Cybermetrics Lab) द्वारा जारी वेबोमेट्रिक्स रैंकिंग ऑफ वर्ल्ड यूनिवर्सिटीज 2026 (Webometrics Ranking of World Universities 2026) में विश्वविद्यालय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत में 262वां और एशिया में 1650वां स्थान प्राप्त किया है।

यह रैंकिंग विश्वविद्यालयों की डिजिटल उपस्थिति, शैक्षणिक सामग्री की गुणवत्ता, शोध प्रकाशनों के प्रभाव और वेब पर उपलब्ध ज्ञान संसाधनों की उपलब्धता जैसे कठोर मानकों पर आधारित होती है। यह उपलब्धि एमजेपीआरयू की बढ़ती शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध गतिविधियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अकादमिक योगदान को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि यह रैंकिंग हार्वर्ड, एमआईटी और स्टैनफोर्ड जैसे विश्व के अग्रणी संस्थानों को भी शामिल करती है, जिससे यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफलता का श्रेय महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के प्रेरणादायक मार्गदर्शन और राजभवन के अधिकारियों के निरंतर सहयोग को दिया है। कुलपति प्रो. के. पी. सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने कहा, “यह गौरवपूर्ण उपलब्धि हमारे समस्त शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के अथक परिश्रम और समर्पण का प्रतिफल है। हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं, बल्कि ज्ञान के सृजन और प्रसार के माध्यम से समाज की बेहतरी में योगदान देना है।” उन्होंने आगे कहा, “उत्कृष्टता कोई गंतव्य नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली एक यात्रा है। यह सफलता हमें और ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा देती है, और हम वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह उपलब्धि संस्थान की उस निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत शोध को बढ़ावा देना, डिजिटल संसाधनों का विस्तार करना, गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों को प्रोत्साहित करना और वैश्विक अकादमिक सहयोग को मजबूत करना शामिल है। एमजेपीआरयू आने वाले वर्षों में भी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने तथा अपनी वैश्विक रैंकिंग को और बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
