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बरगी क्रूज हादसे पर केंद्र सख्त! दिल्ली से आई चिट्ठी के बाद बड़े अफसरों की बढ़ी मुश्किलें, मुख्य सचिव से मांगी जवाबदेही

जबलपुर: बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। 30 अप्रैल 2026 को खराब मौसम और तेज लहरों के बीच पर्यटकों से भरा क्रूज पलटने की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी। अब इस हादसे और देश के अन्य जल दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए केंद्र ने मध्य प्रदेश सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र भेजकर सुरक्षा नियमों के सख्त पालन और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्र सरकार ने जताई गंभीर चिंता

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील पालीवाल द्वारा भेजे गए पत्र में बरगी जलाशय हादसे के साथ वृंदावन की यमुना नदी में हुई नाव दुर्घटना का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार लोगों की जान जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

केंद्र ने मुख्य सचिव से इस विषय पर तत्काल संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक बुलाने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है। साथ ही राज्य में सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन की स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी गई है।

जल परिवहन के लिए सख्त सुरक्षा नियम

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अंतर्देशीय पोत अधिनियम 2021 लागू है, जिसके तहत जल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों के लिए व्यापक सुरक्षा मानक निर्धारित किए गए हैं।

इन नियमों के अनुसार किसी भी नाव या क्रूज के संचालन से पहले उसका पंजीयन, तकनीकी सर्वेक्षण, फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा अनिवार्य है। इसके अलावा पर्याप्त लाइफ जैकेट, जीवनरक्षक उपकरण, अग्निशमन व्यवस्था और प्रशिक्षित चालक दल की उपलब्धता भी जरूरी है।

निर्देशों में कहा गया है कि इन सभी शर्तों का पालन किए बिना किसी भी नाव या क्रूज को संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

राज्य सरकारों की जिम्मेदारी पर जोर

प्राधिकरण ने अपने पत्र में कहा है कि सुरक्षा नियमों का निर्माण केंद्र सरकार करती है, लेकिन उन्हें लागू कराना और उनकी निगरानी करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

पत्र में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई है कि मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अब तक अधिनियम से जुड़ी जरूरी अधिसूचनाएं जारी नहीं हुई हैं। इससे नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा आ रही है। केंद्र ने राज्य सरकार से संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लंबित अधिसूचनाओं को जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं।

जल पर्यटन स्थलों पर होगी व्यापक जांच

केंद्र की इस सख्ती के बाद प्रदेश के गृह, परिवहन और पर्यटन विभागों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के प्रमुख जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी।

बरगी जलाशय के अलावा तवा डैम, गांधी सागर, बाणसागर और भोपाल के बड़े तालाब में संचालित नावों और क्रूज सेवाओं की जांच की तैयारी शुरू हो गई है। सुरक्षा उपकरणों, संचालन प्रक्रिया और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा सकती है।

हादसे के बाद बढ़ी जवाबदेही की मांग

बरगी क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई सवाल उठे थे। अब केंद्र सरकार के सीधे हस्तक्षेप के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच और समीक्षा के आधार पर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले भी सामने आ सकते हैं।

 

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