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गंगा एक्सप्रेसवे तैयार: मेरठ से प्रयागराज छह घंटे में सफर, गढ़ गंगा स्नान और संभल-बदायूं जाना होगा आसान

मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर वाहन दौड़ते नजर आएंगे। 12 जिलों से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे का मुख्य मार्ग तैयार हो चुका है। मेरठ से बदायूं तक अधिकांश हिस्से में काम पूरा हो गया है और शेष कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके चालू होने पर 594 किलोमीटर की दूरी करीब छह घंटे में पूरी की जा सकेगी।

ग्रामीण इलाकों में एक्सप्रेसवे के दोनों ओर संपर्क मार्ग और सर्विस लेन विकसित की गई हैं, जिससे गांवों के बीच आवाजाही आसान हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मुख्य मार्ग पूरा, सुरक्षा इंतजाम अंतिम चरण में

प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के 594 किलोमीटर मुख्य मार्ग का निर्माण पूरा किया जा चुका है। अब सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 295 किलोमीटर लंबाई में चहारदीवारी और मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। इस मार्ग पर वाहनों की गति सीमा 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा निर्धारित की गई है।

अंडरपास और सर्विस रोड से गांवों को सीधा लाभ

एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह अंडरपास बनाए गए हैं ताकि किसानों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को खेतों तक पहुंचने में दिक्कत न हो। जहां आबादी या पुराने मार्ग हैं, वहां सर्विस रोड के जरिए कनेक्टिविटी दी गई है। इससे 100 से अधिक गांवों को सीधा फायदा मिल रहा है, जिनमें मेरठ जिले के 20 गांव शामिल हैं।

गढ़ गंगा स्नान और पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी मजबूत

गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान के लिए जाना हो या अमरोहा, संभल, बुलंदशहर और बदायूं पहुंचना हो, अब एक्सप्रेसवे एक नया विकल्प देगा। मेरठ से 54 किलोमीटर दूर गढ़मुक्तेश्वर, गजरौला, हापुड़ और गाजियाबाद के लिए निकास उपलब्ध है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से जोड़ता है।

इसके आगे स्याना और बुलंदशहर की ओर जाने के लिए राज्य राजमार्ग 65 से संपर्क मिलेगा। अमरोहा, अनूपशहर, गवां और हसनपुर के लिए राज्य राजमार्ग 63 से निकास होगा। संभल, आदमपुर और अनूपशहर के लिए राज्य राजमार्ग 148 से जुड़ाव मिलेगा। बहजोई, अलीगढ़ और चंदौसी जाने वाले वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-509 पर उतर सकेंगे। इन सभी निकासों के संकेत दो किलोमीटर पहले से दिखाई देने लगते हैं। बदायूं के लिए बनकोटा और बिनावर निकास उपलब्ध होगा, जो शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है।

मेरठ के 20 गांवों को सीधा फायदा

पहले मेरठ से हापुड़ की ओर गांवों में जाने के लिए खरखौदा होकर जाना पड़ता था, लेकिन अब बिजौली से सर्विस रोड के जरिए सीधी पहुंच संभव हो गई है। इससे गोविंदपुर, अटौला, खड़खड़ी समेत 20 गांवों को लाभ मिला है। बिजौली में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र के लिए 200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, जिससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। धनौटा, खंदावली, बदौली, नंगला पातू, खानपुर, धंतला और चंदपुरा सहित कई गांवों को भी सीधा फायदा मिलेगा। इसी तरह बहादुरपुर, सोलाना, सैदपुर हसनपुर, दुंगल, नंगला बरहा और बिनावर समेत सौ से अधिक गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

इन 12 जिलों से गुजरता है एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाता है, जिससे पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।

 

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