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नमो भारत ट्रेन में पीएम मोदी के साथ सफर करेंगी छात्राएं, ऐसे होगा चयन

मेरठ में 22 फरवरी को एक खास पल दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नमो भारत ट्रेन में सफर करेंगे और इस यात्रा की सबसे खास बात यह होगी कि उनके साथ केवल छात्राएं मौजूद रहेंगी। इस पहल के जरिए केंद्र सरकार बालिका शिक्षा और सुरक्षा का संदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी में है।

भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से लेकर विकसित भारत अभियान तक महिलाओं की सशक्त भूमिका को रेखांकित करने के बाद अब सरकार नमो भारत ट्रेन के मंच से महिला सशक्तिकरण का नया संदेश देने जा रही है। मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के शेष हिस्से के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रतीकात्मक रूप से महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को समर्पित होगी।

मेरठ से दिल्ली तक सुरक्षित सफर का संदेश

प्रधानमंत्री 22 फरवरी को मेरठ पहुंचेंगे और मेरठ को दिल्ली से जोड़ने वाली नमो भारत ट्रेन में सफर करेंगे। इस विशेष यात्रा में केवल बालिकाएं ही उनके साथ होंगी। यह पहल सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को रेखांकित करने के उद्देश्य से की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि यह संदेश स्पष्ट रूप से जाए कि आधुनिक भारत में महिलाओं के लिए यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग को मिली चयन की जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री के साथ सफर करने वाली छात्राओं के चयन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक की अगुवाई में विभागीय टीम विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं का साक्षात्कार लेकर सूची तैयार करेगी। इसके बाद यह सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। अंतिम चयन पीएमओ की ओर से किया जाएगा और चयनित छात्राएं ही प्रधानमंत्री के साथ नमो भारत ट्रेन में यात्रा करेंगी।

राजकीय और कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं भी होंगी शामिल

चयन प्रक्रिया में राजकीय विद्यालयों की छात्राओं के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को भी शामिल किया जा सकता है। साथ ही जिले में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्त करने वाले तीन विद्यार्थियों में से भी किसी के चयन की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर अंतिम सूची तैयार कर ली जाएगी।

रैपिड संचालन में 30 प्रतिशत महिलाएं

नमो भारत ट्रेन के संचालन में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी है। ओवरऑल संचालन व्यवस्था में करीब 30 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। इनमें ट्रेन पायलट, टिकट काउंटर और अन्य परिचालन जिम्मेदारियां शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से अधिकतर महिलाएं मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से हैं, जिससे उन्हें घर के नजदीक रोजगार मिला है और वे अपने क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नमो भारत के अलावा पूरे एनसीआरटीसी में भी लगभग 10 प्रतिशत महिला कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं और इस अनुपात को लगातार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

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