उत्तर प्रदेशधर्मराज्य

जगमग अयोध्या: राम नवमी से पहले सिग्निफाई ने किया शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को रोशन


मथुरा, मार्च, 2026: राम नवमी के पावन पर्व पर अयोध्या नगरी इन दिनों जोर-शोर से लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी में जुटी है। ऐसे में, अयोध्या में लाइटिंग क्षेत्र की वैश्विक अग्रणी कंपनी, सिग्निफाई (यूरनेक्स्ट: लाइट) ने शहर के आठ प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को रोशनी से जगमग कर दिया है। इस पहल के तहत प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों पर आधुनिक लाइटिंग सॉल्यूशंस लगाए गए हैं, जो इस महत्वपूर्ण पर्व के दौरान श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं।
भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। श्री राम नवमी के इस पावन अवसर पर जब पूरा शहर भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर हो उठता है, ऐसे में सिग्निफाई द्वारा रोशन किए गए ये स्थल पूरे वातावरण को और भी दिव्य बना रहे हैं। यह पहल न सिर्फ इस पवित्र माहौल को और गहन, बल्कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव को और अधिक जीवंत और यादगार बना देगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत अयोध्या के कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल किया गया है। नागेश्वर नाथ मंदिर, जो अयोध्या के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है, को इस तरह रोशन किया गया है कि वहाँ का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक प्रभावशाली हो सके। इसके साथ ही भगवान श्रीराम के पिता महाराज दशरथ की स्मृति में बने पवित्र स्थल, दशरथ समाधि को भी इस पहल के अंतर्गत रोशनी से आलोकित किया गया है, जिससे इसकी गरिमा और भी बढ़ गई है।

इस लाइटिंग पहल के तहत नंदीग्राम स्थित प्राचीन भरत मंदिर को भी रोशन किया गया है, जिसे भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत की अटूट भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही हनुमान-भरत मिलाप मंदिर को भी इस पहल में शामिल किया गया है। इस मंदिर में रामायण में वर्णित हनुमान और भरत के पवित्र मिलन की स्मृति जुड़ी है। वंदीजल्पा देवी मंदिर, जो एक प्राचीन शक्तिपीठ और रघुकुल की कुलदेवी का स्थल है तथा राम गुलैला मंदिर, जो राम जन्मभूमि दर्शन और परिक्रमा मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है, को भी बड़ी ही खूबसूरती से रोशन किया गया है। इन सभी स्थलों की सजावट श्रद्धालुओं और दर्शकों के अनुभव को और अधिक दिव्य और विशेष बना रही है।

सिग्निफाई, ग्रेटर इंडिया के स्ट्रेटेजी और मार्केटिंग प्रमुख निखिल गुप्ता ने कहा, “अयोध्या आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक ऐसा केंद्र है, जिसे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में गहन श्रद्धा के साथ देखा जाता है। इस पहल के माध्यम से हमने लाइटिंग को सिर्फ एक सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे माध्यम के रूप में उपयोग किया है, जो इन महत्वपूर्ण स्थलों की आध्यात्मिक और दिव्य पहचान को और उजागर करता है, खासकर सूर्यास्त के बाद।सिग्निफाई में हम लगातार बेहतर तकनीक और नए समाधान लाकर लोगों के अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और हमारा मानना है कि लाइटिंग हमारे देश की विरासत को संजोने और उसे नए रूप में प्रस्तुत करने में अहम् भूमिका निभा सकती है।”

अयोध्या के मुख्य विकास अधिकारी, आईएएस कृष्ण कुमार सिंह ने कहा, “अयोध्या में इस समय काफी तेजी से बदवाव हो रहे हैं। यहाँ बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘जगमग अयोध्या’ के तहत इन पवित्र स्थलों को रोशन करना शहर की आध्यात्मिक पहचान को सामने लाने के साथ-साथ इसकी खूबसूरती को भी और बढ़ाता है। सिग्निफाई के प्रयासों का असर स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिला है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। यह पहल इन स्थलों के माहौल को और बेहतर बनाती है और अयोध्या को एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने में सहायता करती है, जहाँ श्रद्धालु अपनी आस्था को और करीब से महसूस कर सकेंगे।”
राम नवमी के सुअवसर पर इन स्थलों के रोशन होने के साथ-साथ अयोध्या श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। ऐसे में, भक्ति और उत्साह से भरे इस माहौल में यहाँ आने वाले लोगों का अनुभव और भी खास बनने वाला है।

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