लखनऊ से गोरखपुर 11 घंटे में पहुंची इंटरसिटी, कई यात्रियों की लिंक ट्रेन छूटी; फूटा गुस्सा

लखनऊ: ठंड के मौसम में स्पेशल ट्रेनों के साथ ही रूटीन ट्रेनों का भी शेड्यूल बिगड़ गया है। लेटलतीफी इस कदर है कि इंटरसिटी एक्सप्रेस को लखनऊ से गोरखपुर तक आने में 11 घंटे लग गए। ट्रेन की धीमी रफ्तार से परेशान यात्रियों का धैर्य सहजनवा में जवाब दे गया। कई नाराज यात्री प्लेटफार्म पर उतर गए और लेटलतीफी पर विरोध जताया।

शार्ट टर्मिनेट होने की वजह से मंगलवार शाम 4.30 बजे चारबाग से चलने वाली इंटरसिटी, गोमतीनगर से एक घंटे की देरी से चली। लेटलतीफी आगे और बढ़ती गई। हर छोटे-छोटे स्टेशनों पर रुकते हुए इंटरसिटी गोरखपुर रात 9.30 बजे की जगह भोर में 3 बजे पहुंची। परेशान यात्रियों ने गोरखपुर में भी जमकर गुस्सा उतारा। गोण्डा से गोरखपुर आ रहे शिवेन्द ने बताया कि रास्ते में कोहरा भी नहीं था ऐसे में इतनी ज्यादा लेटलतीफी समझ से परे है। इससे बेहतर होता कि बस से गोरखपुर आ जाता।
उधर, गुरुवार को बठिंडा से गोरखपुर आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस भी दो घंटे की देरी से आई। लेटलतीफी की वजह से स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री भी परेशान हो गए। प्लेटफार्म पर बेंच के पैक हो जाने के बाद सैकड़ों यात्रियों को मजबूरन फर्श पर पेपर और चादर बिछाकर बैठना पड़ा।

लड़खड़ाई एनईआर की पंक्चुअल्टी
ठंड का आगाज होने के साथ ही लेटलतीफी की वजह से एनईआर की पंक्चुअल्टी लड़खड़ा गई है। कुछ समय पूर्व तक 85 फीसदी से ऊपर चल रही पंक्चुअल्टी (ट्रेनों का समय पालन) 75% पर आ गया है। सबसे खराब समय पालन बनारस मण्डल का है। यहां महज 60 फीसदी ट्रेनें ही समय पर चल रही हैं। लखनऊ मण्डल की पंक्चुअल्टी 75 से 80 के बीच है।
घंटों लेट हुईं उड़ानें
उधर, एयरपोर्ट पर भी विमानों की लेटलतीफी की वजह से यात्रियों को खूब परेशान होना पड़ा। बुधवार को इंडिगो की अधिकतर उड़ानें तय समय से कई घंटे लेट रहीं। सबसे अधिक दिक्कत दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई की उड़ानों पर देखने को मिली। सुबह 11:40 बजे पहुंचने वाली दिल्ली फ्लाइट शाम 4:04 बजे लैंड हुई। वहीं, हैदराबाद से 1:25 बजे आने वाली उड़ान भी तीन घंटे देर से 4:28 बजे पहुंची। मुंबई से 3:15 बजे आने वाली फ्लाइट रात 8:13 बजे गोरखपुर पहुंची। जिसके चलते लौटने और जाने वाले यात्रियों को पांच घंटे से भी अधिक इंतजार करना पड़ा।

