अब US में रहने वाले अफगानों की होगी जांच, व्हाइट हाउस गोलीबारी के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला

न्यूयार्क: वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर बुधवार दोपहर नेशनल गार्ड के दो जवानों पर गोलीबारी की गई। यह हमला करीब 2.15 बजे फरागट मेट्रो स्टेशन के पास 17वीं और आई स्ट्रीट के चौराहे पर हुआ। दोनों घायल जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है। जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी घायल हो गया, जिसे कड़ी सुरक्षा में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना को ‘आतंकी हमला’ करार देते हुए वॉशिंगटन डीसी में सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका लाए गए सभी लोगों की दोबारा गहन जांच की जानी चाहिए।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है। वह 2021 में ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ के तहत अमेरिका आया था। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उसने अकेले ही यह हमला किया, हालांकि उसकी पृष्ठभूमि से जुड़े कुछ पहलुओं की पुष्टि अभी बाकी है। इस मामले को FBI संभावित आतंकी हमले के तौर पर जांच रही है। वहीं, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने भी पुष्टि की है कि संदिग्ध अफगानिस्तान से शरणार्थी कार्यक्रम के तहत अमेरिका में दाखिल हुआ था।

व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में नेशनल गार्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रति समर्थन जताया गया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई है। फिलहाल हमले के मकसद, साजिश और संभावित आतंकी संबंधों की जांच जारी है।
देर रात अपने संबोधन में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर हमला बोलते हुए कहा कि संदिग्ध को बाइडेन प्रशासन ने “नरक जैसे अफगानिस्तान” से 2021 में अमेरिका लाया था। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध एक विदेशी नागरिक है और उसकी दोबारा गहन जांच जरूरी है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में हमलावर को “जानवर” बताया और कहा कि उसे इसकी “बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी”।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के कार्यकारी सहायक प्रमुख जेफरी कैरोल ने बताया कि हमला “अचानक और पूरी तरह से जानबूझकर” किया गया प्रतीत होता है। उनके अनुसार, हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के नेशनल गार्ड के जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस और गार्ड तुरंत सक्रिय हुए। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटी हैं।

