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रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के एम.एड. प्रथम वर्ष के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

बरेली,08 अप्रैल। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के शिक्षा विभाग में एम.एड. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा कल सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की प्रेरणा से एवं डॉ. प्रतिभा सागर के संयोजन में किया गया । छात्र विवेक उपाध्याय, पल्लवी सिंह, निधि चौहान, श्रद्धा ने पटका पहना कर एवं तिलक लगा कर अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया l इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष अरोरा ने की । उन्होंने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यार्थी इससे विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जागरूक होते हैं जिससे कि वह एक समावेशी और संवेदनशील शिक्षक बन सके। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मार्गदर्शन देते हुए जीवन में आत्मविश्वास लगन और ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी।
उसके बाद मान्या दीक्षित और उनके समूह ने पारंपरिक सरस्वती वंदना नृत्य द्वारा प्रस्तुत की। तत्पश्चात विश्वविद्यालय के कुलगीत की संगीतमय प्रस्तुति शिखा सिंह और उनके समूह द्वारा करी गयी | प्रणव पाठक, सुभाष और उनके साथियों के द्वारा बुंदेलखंड की वीरगाथा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम को रोचक बनाते हुए श्रद्धा और उनके समूह ने उर्जा से परिपूर्ण मनमोहक कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना एवं ऑपरेशन सिन्दूर पर आधारित देश भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में छात्रों द्वारा बेहद ही ज्ञानवर्धक नाटकों की प्रस्तुति दी गई जिनके शीर्षक थे, नई शिक्षा पद्धति, और शिक्षा की दुकान । इन नाटकों में अनुश्री, संध्या, दीप्ति, सविता, अजय, चंद्रोत्तम, पूजा, शिवम, आदि ने उत्साहपूर्ण प्रस्तुति दी । इस रंगारंग कार्यक्रम में विद्याथियों द्वारा समूह गीत, भक्तिगीत, कविता पाठ का भी समावेश रहा |

मंच का कुशल एवं रोचक संचालन प्रणव पाठक व शिखा राठौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संपूर्ण प्रबंधन ध्रुव मल्होत्रा एवं पल्लवी सिंह, रोहित आदि छात्रों द्वारा किया गया, जिसकी सभी शिक्षकों ने भूरि भूरि प्रशंसा की | कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ. प्रतिभा सागर रहीं जिनके कुशल मार्गदर्शन से यह सांस्कृतिक कार्यक्रम बेहद ही भव्य एवं सफल रहा| कार्यक्रम का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मानसिक तनाव को कम करते हैं और शिक्षा को रोचक बनाते हैं। अतः सांस्कृतिक कार्यक्रम शिक्षण-प्रशिक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग हैं। धन्यवाद ज्ञापन में उन्होंने सभी शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता जताई एवं सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इस रंगारंग कार्यक्रम के लिए बधाई दी |इस कार्यक्रम में विभाग के सम्मानित शिक्षकगण डॉ. तरुण राष्ट्रीय, डॉ. प्रेमपाल सिंह, डॉ. विमल कुमार, डॉ. रश्मि रंजन, डॉ. रामबाबू, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. सुरेश कुमार एवं विभाग के शोधार्थी शिवी, सबिया, आकाश, सत्येंद्र, शालिनी, अनुराधा, सना, मीनू, जगदीश, सत्यप्रकाश आदि की गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ी। इस कार्यक्रम में एम.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी उत्साहवर्धन के लिए उपस्थित रहे | कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ |

आयोजन की संपूर्ण रूप रेखा संयोजक डॉ. प्रतिभा सागर के मार्गदर्शन में ध्रुव, पल्लवी, प्रणव ,नैनांशु , रोहित , आशीष, रूप किशोर और संपूर्ण कक्षा द्वारा मिलकर बनाई गई । इसमें सभी छात्रों बढचढ कर हिस्सा लिया और अपनी सहभागिता सुनिश्चित की |

बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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