ललित कला अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हुए लखनऊ के राजेंद्र प्रसाद, प्रिंट बिएनाले में रंजू कुमारी को सम्मान
लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को नई दिल्ली में 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के चयनित कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर तृतीय प्रिंट बिएनाले इंडिया, 2026 के ग्रैंड प्राइज विजेताओं और माननीय उल्लेख प्राप्त करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि लखनऊ के वरिष्ठ वॉश चित्रकार राजेंद्र प्रसाद और छापाकलाकार रंजू कुमारी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।

राजेंद्र प्रसाद की कृति ‘Sujata With Buddha’ को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में ललित कला अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया। समकालीन भारतीय चित्रकला के वरिष्ठ कलाकार, शिक्षक और कला-संरक्षक प्रसाद अपनी विशिष्ट वॉश तकनीक के लिए जाने जाते हैं। उनकी कृतियों में पारदर्शी रंगों, प्रकाश-छाया और आध्यात्मिक संवेदनाओं का प्रभावी समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स से स्नातक तथा 1996 में क्रिएटिव पेंटिंग में एम.एफ.ए. की उपाधि प्रथम स्थान के साथ प्राप्त की। उन्हें राष्ट्रीय शोध अनुदान पुरस्कार, उत्तर प्रदेश राज्य वार्षिक पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ में ललित कला विभागाध्यक्ष एवं सह-प्रोफेसर के रूप में सेवाएँ देने के बाद वे सेवानिवृत्त हुए। कला-संरक्षण के क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है।

वहीं, जम्मू एवं कश्मीर की रंजू कुमारी को तृतीय प्रिंट बिएनाले इंडिया, 2026 में सम्मानित किया गया। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूज़िक एंड फ़ाइन आर्ट्स, जम्मू से चित्रकला में स्नातक तथा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से प्रिंटमेकिंग में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र, लखनऊ में प्रिंटमेकिंग कलाकार के रूप में कार्यरत हैं।
भूपेंद्र अस्थाना ने कहा कि दोनों कलाकारों की उपलब्धियाँ उत्तर प्रदेश के कला-जगत के लिए गौरव का विषय हैं। उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
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