राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान को मिला पहला पूर्णकालिक कुलसचिव, राजन श्रीवास्तव ने संभाला पदभार

देहरादून। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संस्थान में पहली बार पूर्णकालिक कुलसचिव की नियुक्ति की गई है। 9 मार्च 2026 को राजन श्रीवास्तव ने संस्थान के प्रथम पूर्णकालिक कुलसचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया।

संस्थान के संचालक मंडल की अनुमति से राजन श्रीवास्तव की नियुक्ति पांच वर्षों के लिए की गई है। संस्थान प्रशासन का मानना है कि इस नियुक्ति से प्रशासनिक और अकादमिक गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।
30 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
पदभार ग्रहण करने से पहले राजन श्रीवास्तव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू में संयुक्त कुलसचिव के पद पर कार्यरत थे। उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों में उन्हें तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। संस्थान से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ संस्थान के विकास और संचालन में मिलेगा।
सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था होगी प्राथमिकता

पदभार संभालने के बाद राजन श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी प्राथमिकता संस्थान में एक मजबूत और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना होगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान से जुड़े सभी हितधारकों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
अधिकारियों ने किया स्वागत
संस्थान पहुंचने पर उप कुलसचिव समीर रंजन सिंह और अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान संस्थान के अधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
