SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी डेडलाइन; नोटिस वाले वोटरों को घर बैठे मिलेगी मदद
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं को राहत दी है। आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने के साथ नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को भी आसान बनाने का फैसला किया है। अब ऐसे कई मामलों में मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए चुनाव कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ECINET सिस्टम पर अपलोड करने में मदद करेंगे। इसके बाद संबंधित निर्वाचन अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले पर फैसला करेगा।
दिल्ली में 30 अक्टूबर तक दाखिल कर सकेंगे दावे-आपत्तियां

दिल्ली में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, नोटिस से जुड़े दावे और आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है। इससे उन मतदाताओं को अतिरिक्त समय मिलेगा जिन्हें मतदाता सूची में किसी विसंगति को लेकर नोटिस मिला है या जो तय अवधि में अपनी आपत्ति दर्ज नहीं करा सके थे।
महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर तक मिलेगा मौका
महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए भी SIR की समयसीमा बढ़ाई गई है। यहां दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इन मामलों के निपटारे की प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 तक चल सकती है। महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर 2026 को प्रकाशित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नोटिस वाले मतदाताओं को हर मामले में कार्यालय जाने की जरूरत नहीं
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं को सामान्य मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए चुनाव कार्यालय बुलाने की जरूरत नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने और सुनवाई की प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों को कम करना है।
BLO घर जाकर जुटाएंगे दस्तावेज

इस प्रक्रिया में BLO की भूमिका अहम होगी। जिन मतदाताओं से दस्तावेज मांगे गए हैं, उनके घर जाकर अधिकारी जरूरी कागजात प्राप्त करेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करने में मदद करेंगे। इससे खास तौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों, मजदूरों और उन लोगों को सुविधा मिल सकती है, जिनके लिए चुनाव कार्यालय या निर्धारित केंद्र तक पहुंचना मुश्किल होता है।
चुनाव आयोग ने बेघर लोगों, मजदूरों और रैन बसेरों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष हेल्प डेस्क और कैंप लगाने के निर्देश भी दिए हैं।
मतदाता ऑनलाइन भी जांच सकेंगे अपनी जानकारी
SIR के दौरान मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचना जरूरी है। मतदाता चुनाव आयोग की वोटर सर्विसेज सुविधा के जरिए अपनी जानकारी और संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन देख सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले और दस्तावेज जमा करने या सुनवाई के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े। दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं को अब दावे या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अपनी संबंधित नई समयसीमा का ध्यान रखना होगा।
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