Saturday, March 28, 2026
Latest:
लाइफस्टाइलविदेश

दुनिया का सबसे रहस्यमयी गांव! जहां कभी रहते थे सिर्फ बौने लोग, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी अनोखी कहानियों और रहस्यमयी इतिहास के कारण लोगों का ध्यान खींचती हैं। ऐसा ही एक गांव ईरान में मौजूद है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यहां कभी सिर्फ बौने कद के लोग ही रहते थे। इस अजीबोगरीब गांव का नाम मखुनिक है, जो ईरान के पूर्वी हिस्से में अफगानिस्तान की सीमा के करीब स्थित है। कहा जाता है कि एक समय यहां रहने वाले लोगों की लंबाई आम इंसानों की तुलना में काफी कम हुआ करती थी।

मखुनिक गांव का जिक्र अक्सर प्रसिद्ध लेखक जोनाथन स्विफ्ट के मशहूर उपन्यास ‘गुलिवर्स ट्रैवल्स’ के काल्पनिक देश लिलिपुट से जोड़कर किया जाता है, जहां बहुत छोटे कद के लोगों का वर्णन किया गया है। हालांकि मखुनिक कोई कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक गांव है, जो अपने अनोखे इतिहास के कारण दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

करीब 1500 साल पुराना है गांव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान की सीमा से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मखुनिक गांव करीब 1500 साल पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि यहां रहने वाले कई लोगों की लंबाई केवल एक मीटर के आसपास हुआ करती थी। इस वजह से लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि यह गांव बौने कद के लोगों का निवास स्थान था।

साल 2005 में इस इलाके में एक ममीकृत कंकाल मिला था, जिसकी लंबाई मात्र 25 सेंटीमीटर बताई गई। इस खोज के बाद लोगों का विश्वास और भी मजबूत हो गया कि मखुनिक में कभी बेहद छोटे कद के लोग रहते थे। हालांकि बाद में विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि वह ममी दरअसल एक बच्चे की थी, जिसकी करीब 400 साल पहले मृत्यु हुई थी। इसके बावजूद यह धारणा पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी कि प्राचीन समय में यहां के लोग असामान्य रूप से छोटे कद के थे।

गांव के घर भी बेहद छोटे

मखुनिक गांव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां कई घरों की ऊंचाई भी बहुत कम है। गांव में लगभग 70 से 80 ऐसे घर बताए जाते हैं जिनकी ऊंचाई केवल डेढ़ से दो मीटर के बीच है। इन छोटे घरों को देखकर यह अंदाजा लगाया जाता है कि यहां रहने वाले लोगों की लंबाई भी सामान्य लोगों से काफी कम रही होगी, क्योंकि इतने छोटे घरों में सामान्य कद वाले लोगों के लिए रहना मुश्किल माना जाता है।

इतना ही नहीं, मखुनिक के आसपास के कुछ अन्य गांवों के बारे में भी ऐसी ही कहानियां सुनने को मिलती हैं। इसी वजह से इस पूरे इलाके को कभी-कभी ‘बौनों का शहर’ भी कहा जाता है।

पोषण की कमी को माना जाता है कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि यहां के लोगों की कम लंबाई के पीछे प्राकृतिक और पोषण संबंधी कारण हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पहले यह इलाका काफी बंजर हुआ करता था और यहां पर्याप्त मात्रा में अनाज या फल-सब्जियां नहीं उगती थीं। स्थानीय लोग मुख्य रूप से बेर, शलजम और जौ जैसी सीमित चीजों पर ही निर्भर रहते थे।

ऐसे में लंबे समय तक पौष्टिक आहार की कमी के कारण यहां के लोगों के शारीरिक विकास पर असर पड़ा और उनकी औसत लंबाई कम होती चली गई। यही वजह है कि मखुनिक गांव को आज भी दुनिया के सबसे रहस्यमयी और अनोखे गांवों में गिना जाता है।

 

---------------------------------------------------------------------------------------------------