रामनगरी अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस

रामनगरी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पावन पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भक्त सरयू तट पर आस्था की डुबकी लगाकर मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। हर ओर “जय श्रीराम” के जयघोष और भक्ति का माहौल छाया हुआ है। सरयू नदी के घाटों पर करीब 500 मीटर तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु स्नान के बाद मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं। महिलाओं द्वारा पारंपरिक सोहर गीत गाए जा रहे हैं, वहीं भजन-कीर्तन से पूरी नगरी भक्तिमय हो उठी है। इससे पहले सुबह विशेष आरती के बाद भगवान को पीतांबर धारण कराया गया।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामनवमी के अवसर पर दर्शन की प्रक्रिया सामान्य समय से एक घंटे पहले शुरू कर दी है, जो रात 11 बजे तक जारी रहेगी। प्रशासन के मुताबिक, इस बार करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जबकि सामान्य दिनों में औसतन 70 हजार भक्त दर्शन करते हैं। राम मंदिर जाने वाले भक्ति पथ, राम जन्मभूमि पथ और राम पथ पर रेड कारपेट बिछाया गया है। 600 मीटर लंबे भक्ति पथ और 800 मीटर राम जन्मभूमि पथ पर शेड और कैनोपी लगाए गए हैं। 200 स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह एलईडी स्क्रीन के जरिए श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं।

रामलला के जन्म के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। रामनगरी को कई जोन और सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती शामिल है। पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी और सिविल पुलिस मुस्तैद हैं। इसके अलावा, सरयू घाटों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। प्रयागराज महाकुंभ में ड्यूटी कर चुकी फायर टेंडर टीम को भी बुलाया गया है।

जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। हर भक्त को सहज और सुरक्षित तरीके से दर्शन मिल सके। एडीजी जोन प्रवीण कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और पूरे आयोजन की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एक दिन पहले कमांडो द्वारा मंदिर परिसर की सुरक्षा का विशेष निरीक्षण भी किया गया। रामनवमी के इस भव्य आयोजन में पूरे शहर को सजाया गया है। आस्था, भक्ति और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम ने अयोध्या को एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र में बदल दिया है।
