रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में “हर घर नल – हर घर जल” योजना के प्रभावी मूल्यांकन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

बरेली,27फरवरी।महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग द्वारा जल जीवन मिशन की “हर घर नल – हर घर जल” योजना के प्रभावी मूल्यांकन हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में कल सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजना के सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए तैयार करना था।

परियोजना के समन्वयक प्रो. वी.बी.एस. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह अध्ययन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन को समझने का गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा, “जल जीवन मिशन ने ग्रामीण भारत में बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हमारा उद्देश्य यह जानना है कि योजना का लाभ किस स्तर तक पहुंचा है, किन क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और कहाँ अभी और प्रयासों की आवश्यकता है। यह प्रभाव मूल्यांकन पारदर्शिता, जवाबदेही और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करेगा।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे फील्ड में पूरी संवेदनशीलता, निष्पक्षता और अनुशासन के साथ कार्य करें, ताकि अध्ययन के निष्कर्ष विश्वसनीय और उपयोगी सिद्ध हों।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. आशुतोष प्रिय ने प्रभाव मूल्यांकन की संपूर्ण प्रक्रिया को क्रमबद्ध और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विस्तार से समझाया। उन्होंने फील्ड सर्वे की तैयारी, उत्तरदाताओं से संवाद की विधि, निष्पक्ष डेटा संकलन, अवलोकन तकनीक तथा रिपोर्ट लेखन तक की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की और यह भी बताया कि किस प्रकार संकलित आंकड़े नीति-निर्माण में सहायक बनते हैं। उनके विस्तृत मार्गदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से अपने प्रश्न रखे और सर्वेक्षण से जुड़ी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे उन्हें फील्ड कार्य के प्रति आत्मविश्वास और स्पष्टता मिली।
डॉ. अजय त्रिवेदी ने भी तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला, जबकि जल जीवन मिशन की ओर से श्री मनीष एवं श्री विकास ने योजना के क्रियान्वयन संबंधी जानकारी प्रदान की।

सह-परियोजना समन्वयक डॉ. अफसाना, डॉ. निवेदिता त्रिवेदी, डॉ. रफान अली एवं डॉ. विश्वदीप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और आगामी फील्ड सर्वे के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। समाज कार्य विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, सामाजिक अनुसंधान एवं समुदाय-आधारित परियोजनाओं के माध्यम से शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट
