सिंचाई एवं जल संसाधन प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से आएगी नई दक्षता व पारदर्शिता : जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

लखनऊ, दिनांक 14 मार्च

उत्तर प्रदेश में सिंचाई एवं जल संसाधन प्रबंधन को अधिक आधुनिक, वैज्ञानिक तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग’ विषय पर आज यहाँ वाल्मी भवन, लखनऊ में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जलशक्ति मंत्री श्रीस्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत तकनीक शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जलसंसाधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में एआई आधारित प्राणियों के उपयोग से नहरों के संचालन, जल वितरण की रीयल-टाइम निगरानी, बाढ़ की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जल संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन तथा अवसंरचना के प्रभावी प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभागीय कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स तथा डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी उन्नत तकनीकों के समुचित उपयोग से जल संसाधनों के संरक्षण, सिंचाई क्षमता में वृद्धि तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार संभव हुआ है।
प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने कहा कि एआई के उपयोग से विभागीय कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया एआई के उपयोग करने में मैनुअल चेकिंग अनिवार्य रूप से करें जिससे सम्भावित त्रुटियों से बचा जा सकेगा।

कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। विशेषज्ञों ने एआई आधारित डेटा विश्लेषण, बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली (Flood Prediction System), जल संसाधन प्रबंधन के लिए स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम, नहर नेटवर्क के संचालन में डिजिटल तकनीकों के उपयोग तथा भविष्य में उभरने वाली तकनीकी संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि इस प्रकार की पहलें विभाग में तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देंगी तथा आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग से प्रदेश में सिंचाई एवं जल संसाधन प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, दक्ष एवं भविष्य उन्मुख बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन ), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सहित विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित विभिन्न विषय विशेषज्ञ एवं वक्ता उपस्थित रहे।
