ऊषा ने राजस्थान में सतोलिया कॉम्पिटिशन 2022 को स्पॉन्सर किया

राजस्थान, 1 दिसंबर, 2022: भारत के प्रमुख कंज्यूमर ड्यूरेबल ब्रांड, ऊषा द्वारा राजस्थान स्थित जयपुर में आज खेल ग्राउंड, हीरापुरा में सतोलिया कॉम्पिटिशन 2022 का समापन किया गया। इसका आयोजन ऊषा सिलाई स्कूल के शिक्षकों द्वारा ग्राम पंचायत हीरापुरा और उन्नयन समिति के सहयोग से किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों को उनके पाठ्यक्रम से परे कौशल सिखाना है। यह तीन दिवसीय आयोजन 30 नवंबर से लेकर 2 दिसंबर तक किया गया, जिसमें 13 वर्ष से 20 वर्ष की उम्र की 50 युवा लड़कियों में एक-दूसरे को काँटे की टक्कर देते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त करने की होड़ देखी गई।

12 सदस्यों के साथ, टीम येलो अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते पहले स्थान पर रही, उसके बाद क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर 12 सदस्यों के साथ टीम ग्रीन और ब्लू रही। मुख्य अतिथि सुश्री प्रिय गुर्जर (जो कि आर्चरी के लिए इंटरनेशनल प्लेयर हैं) द्वारा सभी विजेताओं को मोमेंटो / सर्टिफिकेट्स से सम्मानित किया गया।

श्रेणी विजेता
प्रथम पुरस्कार लक्ष्मी मीणा- टीम येलो
द्वितीय पुरस्कार कन्नू ढंका- टीम ग्रीन
तृतीय पुरस्कार नीतू गुर्जर- टीम ब्लू

इस अवसर पर सुश्री कोमल मेहरा, हेड- स्पोर्ट्स इनिशिएटिव्स एंड एसोसिएशन्स, ऊषा इंटरनेशनल ने टिप्पणी करते हुए कहा, “भारत विविधता की गोद में फला-फूला देश है, जिसमें स्वदेशी खेलों का भरपूर खजाना समाहित है, जो न सिर्फ स्थानीय क्षेत्रों, बल्कि समाज की गरिमा भी बढ़ाते हैं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि इनमें से कई खेल सिर्फ कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित हैं। हमारा उद्देश्य न केवल अधिक से अधिक खेल रूपों की विरासत को जीवित करना है, बल्कि भारत वर्ष सहित पूरी दुनिया में इन खेलों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। स्थानीय समुदायों के बीच खेल, महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। सतोलिया एक ऐसा खेल है, जिसे हममें से कई लोगों ने बचपन में पिठू के रूप में खेला है। लेकिन दुःख की बात है कि यह अब अपनी पहचान खो रहा है। ऐसे में हमारी मंशा इसे एक बार फिर जीवंत करने की है।”

ऊषा ने इन तमाम खेल गतिविधियों को पुनः जीवित करने के उद्देश्य के चलते गहनता से निवेश किया है, जो स्थानीय संस्कृति को बनाए रखने, लोगों को फिट रहने और समाज को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊषा सिलाई स्कूल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसके अंतर्गत सिलाई स्कूल की महिलाएँ इन आयोजनों को आयोजित करने, बढ़ावा देने और भागीदारी बढ़ाने में मदद कर रही हैं। सतोलिया राष्ट्र का एक पारंपरिक खेल है, जो एकाग्रता, शारीरिक शक्ति, नेतृत्व और टीम वर्क को बेहतर बनाने में मदद करता है, ये सभी कारक बच्चों के पाठ्यक्रम से परे महत्वपूर्ण कौशल हैं।

ऊषा देश भर में समावेशी खेल पहलों का एक व्यापक समर्थक और प्रमोटर रहा है, जिसमें आईपीएल के लिए मुंबई इंडियंस टीम, अल्टीमेट फ्लाइंग डिस्क, गोल्फ, स्वदेशी भारतीय क्षेत्रीय खेल, जैसे- कलारी, मल्लखंब, सियातखनाम, थांग-टा, और साज़-लॉन्ग, विशेष रूप से विकलांगों के लिए क्रिकेट, नेत्रहीनों के लिए खेल (एथलेटिक्स, कबड्डी, जूडो और पॉवरलिफ्टिंग) साथ ही साथ फुटबॉल शामिल हैं।

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