कुआं आखिर गोल ही क्यों होता है? कंप्यूटर जैसा तेज है दिमाग तो बताएं जवाब

नई दिल्ली. कुआं गोल ही क्यों होता है, क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है. कुआं तिकोना चौकोर या षट्कोण आकार का भी तो बनाया जा सकता है, लेकिन गोल ही क्यों होता है? इसकी पीछे की वजह क्या है? जान लीजिए कि हम अपने आसपास जो भी चीजें देखते हैं, उन सबके पीछे कुछ ना कुछ साइंस होती है. हवा में पतंग उड़ने से लेकर किसी भी वस्तु को हवा में छोड़ने पर उसके जमीन पर गिरने के पीछे साइंस है. इसी तरह, कुआं गोल होने के पीछे भी विज्ञान ही है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

जान लीजिए की जब भी कोई तरलपदार्थ स्टोर करने के लिए रखा जाता है तो वह वही आकार ले लेता है जिसमें वह स्टोर किया जाता है. जब किसी बर्तन में तरल पदार्थ रखा जाता है तो वह उसकी दीवारों पर दबाव डालता है. जान लीजिए कि अगर कुआं चौकोर आकार में बनेगा तो उसके अंदर जमा पानी उस कुएं की दीवार के कोनों पर अपेक्षाकृत अधिक दवाब डालेगा. इस वजह से कुएं की उम्र कम हो जाएगी. इस कारण कुएं के टूटकर गिरने का खतरा रहेगा. कुंआ गोल आकार में बनाए जाने के पीछे यही वजह है. जब कुएं का आकार गोल होता है तो पानी का प्रेशर किसी जगह पर ज्यादा या कम नहीं लगता है. पानी का प्रेशर कुएं की दीवार पर हर जगह समान होता है. गोल कुआं ज्यादा लंबे समय तक रहता है.

आप अपने घर में रखे बर्तनों पर ध्यान दीजिए. आपको ज्यादातर बर्तनों में गोल आकार दिखाई देगा. जैसे- गिलास, प्लेट, कटोरी, थाली और बाल्टी. जब इन बर्तनों में कुछ भी तरल पदार्थ रखा जाता है तो वह बर्तन में सभी तरफ बराबर दबाव डालता है. गोल होने के कारण बर्तन ज्यादा दिन तक चलता है.गौरतलब है कि कुआं गोल होने के पीछे एक और कारण भी है. जो कुआं गोल होता है उसकी मिट्टी ज्यादा दिन तक धंसती नहीं है क्योंकि गोल कुएं की दीवार पर हर तरफ प्रेशर बराबर होता है. कहीं-कहीं आपको चौकोर कुएं भी दिख जाएंगे लेकिन उनका जीवन अपेक्षाकृत कम होता है.

 

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