केंद्र सरकार माल परिवहन के सभी माध्यमों के लिए एकल लॉजिस्टिक कानून लाने जा रही

नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Union Government) माल परिवहन (Goods Transport) के सभी माध्यमों के लिए एकल लॉजिस्टिक कानून (Single Logistics Law) लाने की दिशा में काम कर रही है। सभी लॉजिस्टिक माध्यमों (Logistics Means) के लिए एक कानून (One Law) आने से सही मायने में बहुस्तरीय परिवहन को सहूलियत मिल सकेगी। यह कहना है सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Road Transport and Highways Minister) नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का।

गडकरी ने पत्रकारों से बात करते हुए इस संबंध मे जानकारी साझा की है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि माल ढुलाई से जुड़े सभी माध्यमों के बीच प्रक्रियागत एकरूपता लाने और उसे सरल बनाने के लिए सरकार एक लॉजिस्टिक कानून लाने की कोशिश कर रही है। ऐसा करने से प्रक्रियाओं के दोहराव को रोका जा सकेगा।

गडकरी का कहना यह भी है कि सभी लॉजिस्टिक माध्यमों के लिए एक कानून आने से सही मायने में बहुस्तरीय परिवहन को सहूलियत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 14 प्रतिशत है लेकिन सरकार का इसे आठ प्रतिशत पर लाने का इरादा है।
साथ ही उनका कहना रहा कि देश में विमान मार्ग से ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि घरेलू विमानन बाजार में एयर कार्गो की हिस्सेदारी बहुत कम है। एयर कार्गो के पास सबसे बड़ी बढ़त समय की है। हमारे पास इसके विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। नई तकनीक का इस्तेमाल कर विमानन ढांचा विकसित किया जाना चाहिए। अगर हम अधिक मात्रा में ढुलाई कर सके तो एयर कार्गो की लागत भी कम हो जाएगी और ऐसा होने से देश के आम नागरिक को सुविधाओं का लाभ अधिक मिल सकेगा।

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