बेकार है उन लोगों का जीवन जो हासिल न कर पाएं इन 4 में से एक भी चीज, जानें वजह

नई दिल्‍ली. महान विद्वान आचार्य चाणक्‍य ने अपनी नीतियों के जरिए न केवल अच्‍छा जीवन जीने का तरीका बताया है, बल्कि जीवन का मूल्‍य भी समझाया है. उनकी नीतियों पर चलकर व्‍यक्ति लक्ष्‍यपूर्ण, सफल और सुखद जीवन जी सकता है. आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि यदि आपके जीवन में कोई मकसद न हो और आप बेहद खास मानी गई 4 चीजों में से एक भी चीज हासिल न कर पाएं तो आपका जीवन बेकार है. ऐसे व्‍यक्ति का जीवन निरर्थक है.

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि व्‍यक्ति का जीवन अमूल्‍य है लेकिन उसके जीवन में मकसद का न होना उसे बेकार कर देता है. इसके अलावा इंसान को जीवन 4 खास चीजों को पाने के लिए मिलता है, यदि वह इनमें से एक चीज भी न पा सके तो उसका जीना बेकार है.

कर्म: इंसान का जन्‍म धरती पर कर्म करने के लिए होता है. यदि वह कर्म न करे और हाथ पर हाथ धरे बैठा रहे तो उसका जीवन बेकार है. ऐसा व्‍यक्ति अपना और अपने पूरे परिवार का बड़ा नुकसान करता है.

धर्म: इंसान को अपने जीवन का उपयोग धर्म करने में करना चाहिए. ताकि उसका यह जीवन और अगले जन्‍म भी अच्‍छे हों. वह खूब पुण्‍य कमाए और अच्‍छा जीवन जिए.

धन: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सुखी जीवन जीने के लिए धन बहुत जरूरी है. इसके साथ ही जरूरी है कि धन सही तरीके से कमाया गया हो. जो व्‍यक्ति ईमानदारी, बुद्धिमानी और मेहनत से धन न कमा पाए, उसका जीवन सुखी होना मुश्किल है.

मोक्ष: व्‍यक्ति को इंसान के रूप में जन्‍म लेने का मौका इसलिए मिलता है कि वह अपने धर्म-कर्म से मोक्ष पा सके. जन्‍म-मृत्‍यु के चक्र से छुटकारा पा सके. लेकिन व्‍यक्ति अपने जीवन में अच्‍छे कर्म और धर्म न करे तो उसे मोक्ष मिलना असंभव है. ऐसे व्‍यक्ति का जीवन भी बेकार है.

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