मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, देश के इन हिस्सों में हो सकती है मूसलाधार बारिश

नई दिल्ली: मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार-पांच दिनों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश (AP), तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात के कुछ हिस्सों, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और केरल में भारी से मूसलाधार वर्षा होने का अनुमान लगाया है। मौमस विभाग के मुताबिक, एक अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाला क्षेत्र पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी आंधप्रदेश के तट से सटा है, जो कि भारी बारिश की स्थिति पैदा करता है।

आईएमडी ने यह भी बताया है कि अगले दो-तीन दिनों के दौरान इसके तेलंगाना के पार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में गंगानगर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में स्थित है। इसका पूर्वी छोर गुरुवार (17 सितंबर) तक अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में बने रहने की संभावना है।

समुद्र तल पर एक अपतटीय गर्त दक्षिणी गुजरात तट से उत्तरी कर्नाटक तट तक चल रहा है। यह अगले पांच दिनों के दौरान पश्चिमी तट पर बने रहने की संभावना है। आईएमडी इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में व्यापक और भारी बारिश की उम्मीद कर रहा है। देश के उत्तर-पश्चिम भागों से मानसून वापसी के कोई संकेत अभी तक नहीं मिले हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख के सती देवी ने कहा, ‘उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी के कारण हमें कोई संकेत नहीं मिला। 17 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है, लेकिन हमें निश्चित होने के लिए आगे के मॉडल का आकलन करने की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा कि मानसून की वापसी केवल एक बार एंटीसाइक्लोनिक प्रवाह स्थापित होने और नमी के क्षेत्र में काफी कम हो सकती है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper