अमेरिकी युद्धपोतों को ईरान की खुली चेतावनी! जमीन के नीचे दिखाई ‘मिसाइल सिटी’, सुरंगों से दागे जा सकते हैं घातक हथियार
तेहरान: अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए फारस की खाड़ी और ओमान सागर के तटीय इलाकों में बने भूमिगत मिसाइल ठिकानों के वीडियो जारी किए हैं। ईरानी मीडिया ने इन ठिकानों को ‘मिसाइल सिटी’ नाम दिया है। जारी वीडियो में जमीन के नीचे बनी लंबी सुरंगें, सैन्य वाहन, मिसाइलों का भंडार और हथियारों की तैनाती करते सैन्यकर्मी दिखाई दे रहे हैं। एक सफेद ट्रक भी सुरंग के भीतर चलता नजर आता है। इस प्रदर्शन के जरिए ईरान ने संकेत देने की कोशिश की है कि संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में वह जवाब देने की क्षमता रखता है।
जमीन के नीचे हथियारों का बड़ा नेटवर्क होने का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से जारी वीडियो में भूमिगत ठिकानों पर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियां, एयर डिफेंस सिस्टम और तेज गति वाली सैन्य नौकाएं मौजूद होने का दावा किया गया है।
ईरान इन ठिकानों को ऐसे सुरक्षित सैन्य केंद्रों के रूप में पेश कर रहा है, जहां हथियारों को दुश्मन की निगरानी और संभावित हवाई हमलों से बचाकर रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इन सुरंगों से हथियारों को तेजी से बाहर निकालकर तैनात करने की क्षमता होने की बात भी कही जा रही है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इन सुरंगों को हवाई हमलों का सामना करने के लिहाज से मजबूत बनाया गया है। हालांकि, जारी वीडियो से इन ठिकानों की वास्तविक गहराई, संरचनात्मक मजबूती और बड़े सैन्य हमले को झेलने की क्षमता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती है।
अमेरिकी युद्धपोतों के लिए कैसे चुनौती बन सकती हैं ये मिसाइलें?
ईरान की सैन्य रणनीति में एंटी-शिप मिसाइलों और तेज गति वाली नौकाओं को महत्वपूर्ण माना जाता है। एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें समुद्र में मौजूद युद्धपोतों और अन्य जहाजों को निशाना बनाने के लिए तैयार की जाती हैं। वहीं, तेज गति वाली सैन्य नौकाएं तटीय इलाकों में तेजी से कार्रवाई कर सकती हैं।
बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियां दूर स्थित ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखती हैं। इन हथियारों को भूमिगत सुरंगों में रखने का उद्देश्य संभावित युद्ध के दौरान उनकी सुरक्षा और संचालन क्षमता बनाए रखना है।
इस रणनीति को असममित युद्ध क्षमता के तौर पर भी देखा जाता है। इसमें पारंपरिक सैन्य ताकत में बड़े अंतर के बावजूद मिसाइलों, छोटी नौकाओं और छिपे हुए ठिकानों के जरिए शक्तिशाली नौसैनिक बेड़े को चुनौती देने की कोशिश की जाती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्यों टिकी है दुनिया की नजर?

ईरान के इन भूमिगत मिसाइल ठिकानों का रणनीतिक महत्व फारस की खाड़ी और ओमान सागर की भौगोलिक स्थिति से जुड़ा है। इसी क्षेत्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मौजूद है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है।
ऐसे में इस क्षेत्र में सैन्य टकराव की स्थिति बनने पर उसका असर केवल ईरान और उसके पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार भी प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी युद्धपोतों और दूसरे सैन्य जहाजों की मौजूदगी के बीच ईरान की मिसाइल क्षमता क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम हो जाती है।
धार्मिक संदेश के साथ सैन्य ताकत का प्रदर्शन
ईरान की ओर से जारी वीडियो में धार्मिक नेता हुज्जतुल इस्लाम अब्दुल्ला हाजी-सादेगी को भी भूमिगत सैन्य सुविधाओं का निरीक्षण करते दिखाया गया है। कुछ दृश्यों में सैन्यकर्मी प्रार्थना करते नजर आते हैं। इस तरह ईरान ने सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के साथ धार्मिक और वैचारिक संदेश देने की भी कोशिश की है।
ईरान ने वीडियो जारी कर क्या संदेश देने की कोशिश की?
इन वीडियो को जारी करने का प्रमुख मकसद अपनी प्रतिरोधक क्षमता यानी डिटरेंस का प्रदर्शन करना माना जा रहा है। ईरान इसके जरिए विरोधी देशों को यह संदेश देना चाहता है कि उस पर हमला करने की स्थिति में उन्हें भी गंभीर सैन्य नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भूमिगत मिसाइल ठिकानों को दिखाकर यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि हवाई हमलों के जरिए ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं होगा। हालांकि, किसी हथियार का ठिकाने पर मौजूद होना और युद्ध के दौरान उसका सफल इस्तेमाल कर पाना अलग-अलग बातें हैं। इसके लिए सटीक खुफिया जानकारी, संचार व्यवस्था, लक्ष्य की पहचान, कमांड सिस्टम और हथियारों की लगातार आपूर्ति भी जरूरी होती है।
फिलहाल इन वीडियो को ईरान की सैन्य तैयारी और विरोधियों को चेतावनी देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, केवल वीडियो जारी होने को तत्काल सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं माना जा सकता।
https://www.youtube.com/watch?si=RtToJsBhYBatUrym&v=mOuYNSdhjHA&feature=youtu.be
