बिजनौर में DM और वकीलों के बीच टकराव! सैकड़ों अधिवक्ता धरने पर बैठे, कार्यालय में हंगामा और गेट का शीशा टूटा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में अधिवक्ताओं के प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव रामेंद्र सिंह ने डीएम कार्यालय में अपने साथ दुर्व्यवहार और अपमानित किए जाने का आरोप लगाया। इस घटना से नाराज सैकड़ों अधिवक्ता जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। वकीलों ने जिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग उठाई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें कार्यालय के गेट का शीशा टूट गया।मृतक आश्रित मामले में डीएम कार्यालय पहुंचे थे पूर्व बार सचिव
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव और अधिवक्ता रामेंद्र सिंह एक मृतक आश्रित मामले के सिलसिले में अपनी मुवक्किल के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने सबसे पहले अपना परिचय पत्र कार्यालय के अंदर भिजवाया, लेकिन उन्हें जवाब मिला कि जिलाधिकारी के यहां कोई कार्ड नहीं चलता।
इसके बाद रामेंद्र सिंह लाइन में लगकर कार्यालय के अंदर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि वकीलों का प्रवेश प्रतिबंधित है और वे अंदर नहीं जा सकते। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
दुर्व्यवहार और वीडियो बनाए जाने का आरोप
रामेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान उनका वीडियो बनाया गया। पूर्व बार सचिव ने जिलाधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव मनोज शेट्टी, विनय कंबोज, अंकित शादीपुर, मुलायम सिंह, अंकित और मोहित समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता डीएम कार्यालय पहुंच गए। सभी ने कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया और जिलाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की, गेट का शीशा टूटा

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं को रोकने की कोशिश की। इस बीच डीएम कार्यालय के गेट पर पुलिस और वकीलों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। बताया गया कि इस दौरान कार्यालय के गेट का शीशा भी टूट गया।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग तेज कर दी। पूर्व बार सचिव रामेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक जिलाधिकारी का तबादला नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
मौके पर पहुंचे SP, बातचीत कराने का दिया आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलने पर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया। एसपी ने जिलाधिकारी से वार्ता कराने का आश्वासन भी दिया, लेकिन अधिवक्ता अपनी मांग पर अड़े रहे।
कार्यालय के बाहर स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन जारी था और जिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग को लेकर विरोध जारी था।
https://www.youtube.com/watch?si=RtToJsBhYBatUrym&v=mOuYNSdhjHA&feature=youtu.be
