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आरजीआईपीटी में सौहार्द्य 2026 का आयोजन: सामाजिक नवाचार, सतत विकास और राष्ट्र निर्माण का संगम

 

भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), जायस परिसर, अमेठी में सामाजिक सेवा परिषद ‘अर्पण’ (ARPAN) के तत्वावधान में 30–31 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय सामाजिक-तकनीकी महोत्सव ‘सौहार्द्य 2026’ (SOUHARDYA 2026) का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में देश के विभिन्न शिक्षण एवं शोध संस्थानों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, सामाजिक नवप्रवर्तकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व, सतत विकास, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

महोत्सव का उद्घाटन समारोह 30 अक्टूबर 2026 को आरजीआईपीटी के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी के संरक्षण में आयोजित किया गया। समारोह में बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी), लखनऊ के निदेशक प्रो. महेश जी. ठक्कर ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रख्यात पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. बिनीशा पयट्टाटी तथा रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई), डीआरडीओ, कानपुर के वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. हरीश कुमार उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. कौशिक गुहा बिस्वास, अधिष्ठाता (छात्र मामले) ने सौहार्द्य 2026 के उद्देश्यों एवं विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। वहीं, डॉ. अरविंद सिंह, संयोजक, सामाजिक सेवा परिषद (अर्पण) तथा श्री गौरव श्रीवास्तव, सचिव, अर्पण ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

महोत्सव के दो प्रमुख आयोजन ‘निर्माण 2026’ (NIRMAAN – New India: Research, Management, and Advancement Towards Nation-Building) राष्ट्रीय सामाजिक-तकनीकी सम्मेलन तथा ‘सोशियोथॉन 2026’ (SOCI-O-THON) सामाजिक नवाचार चुनौती रहे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को शोध प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करने तथा समाज की विभिन्न समस्याओं के व्यावहारिक एवं नवाचार-आधारित समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

इन प्रतियोगिताओं में 125 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें एसएमएस लखनऊ, एसवीवीवी इंदौर, तेजपुर विश्वविद्यालय, कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, आरईसी प्रतापगढ़, एफजीआईईटी रायबरेली, आईईटी लखनऊ, राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय फुरसतगंज तथा आरजीआईपीटी सहित अनेक संस्थानों के विद्यार्थी एवं शोधार्थी शामिल रहे।

विज्ञान एवं सामाजिक नवाचार प्रदर्शनी महोत्सव का एक विशेष आकर्षण रही, जिसमें अमेठी और रायबरेली के 15 विद्यालयों के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक मॉडलों, रचनात्मक परियोजनाओं एवं समाजोपयोगी नवाचारों का प्रदर्शन कर अपनी वैज्ञानिक सोच और प्रतिभा का परिचय दिया।

महोत्सव के अंतर्गत ‘प्रतिबिंब’ (PRATIBIMB) लघु फिल्म एवं रील प्रतियोगिता, ‘दृष्टिकोण’ (DRISHTIKON) फोटोग्राफी प्रतियोगिता तथा ‘रिवाज’ (RIWAAJ – Heritage India) जैसे आयोजन भी हुए। रिवाज के अंतर्गत पारंपरिक जूट शिल्प, लाख की चूड़ियों के निर्माण तथा कैरिकेचर कला का प्रदर्शन किया गया, जिसने भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्पकला की समृद्ध विरासत को उजागर किया।

महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या ‘कविराग’ (KAVIRAAG – कवि सम्मेलन) में सुप्रसिद्ध कवियों शंभू शिखर, वरुण आनंद, आयुषी राखेचा, जुबैर अली ताबिश, दुर्गेश दुबे तथा ललित दीपक ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों से ओतप्रोत कविताओं ने कार्यक्रम में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार किया।

निर्माण एवं सोशियोथॉन 2026 के विजेताओं की घोषणा

निर्माण 2026: राष्ट्रीय सामाजिक-तकनीकी सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न विषयगत श्रेणियों में उत्कृष्ट शोध प्रस्तुतियों को सम्मानित किया गया। विजेताओं में सूर्यांश (आरईसी प्रतापगढ़), उमंग शंकर किशोर (आरजीएनएयू), ऋषिका सिंह (यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), अनिरुद्ध मिश्रा (एसएमएस लखनऊ), आर्यन कुशवाहा (आरजीआईपीटी) तथा पुरुषोत्तम सैम सुंदर (आरजीएनएयू) शामिल रहे।

उपविजेताओं में श्रेयांश सिंह, अदिति त्रिपाठी, पलक पी., अमन राज एवं पी. दर्शित (आरजीआईपीटी) तथा अजय पाठक (सीएसजेएमयू, कानपुर) रहे ।

सोशियोथॉन 2026: सामाजिक नवाचार चुनौती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों में रिन्यूएबल इंडिया (आरजीआईपीटी), नल अथॉरिटी (एसएमएस लखनऊ), वाईपीई (कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), एएमईटीएस (एसएमएस लखनऊ) तथा नेक्सस नाइट (एसएमएस लखनऊ) शामिल रहीं।

उपविजेता टीमों में सोलर एपेक्स एवं डेसिमल्स (एसएमएस लखनऊ), द गॉड्स आई (तेजपुर विश्वविद्यालय), तथा अग्नि, बाइनरी ड्रिफ्ट एवं वेल-बीइंग वॉरियर्स (आरजीआईपीटी) शामिल रहीं।

इस महोत्सव का आयोजन डॉ. कौशिक गुहा बिस्वास, अधिष्ठाता (छात्र मामले) तथा डॉ. अरविंद सिंह, संकाय संयोजक, सामाजिक सेवा परिषद (अर्पण) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. सजल अग्रवाल, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. मलय कुमार साहू, डॉ. अंकुर, डॉ. अमेय एन. अघारकर, छात्र गौरव श्रीवास्तव, विभिन्न संकाय समन्वयकों, छात्र स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

‘सौहार्द्य 2026’ ने सामाजिक सरोकारों के प्रति आरजीआईपीटी की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान एवं कौशल का विकास नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान, युवा सशक्तीकरण, सतत विकास तथा राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय योगदान देना भी है।

यह आयोजन ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में युवाओं की रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक सहभागिता का एक प्रेरणादायी उदाहरण बना।

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