इफको ने किसानों को नैनो उर्वरकों के पर्णीय छिड़काव का दिया प्रशिक्षण, धान की फसल में प्रयोग की समझाई तकनीक

गोंडा: इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर लिमिटेड (इफको) गोंडा के तत्वावधान में 1 अक्टूबर 2026 को ग्राम ललकपुर, विकासखंड मनकापुर में नैनो उर्वरकों के प्रयोग एवं महत्व को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को इफको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका के प्रयोग तथा फसलों में इनके महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान डॉ. राम लखन सिंह ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका के प्रयोग एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इनके प्रयोग से धान की फसल की बढ़वार अच्छी होती है और उपज में वृद्धि होती है। इसके साथ ही फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ धान की पत्तियों और जड़ों का विकास भी बेहतर होता है।
नैनो उर्वरकों के छिड़काव की बताई विधि
इफको फर्टिलाइजर्स के एसएफए विभाकर तिवारी ने किसानों को नैनो उर्वरकों के घोल और छिड़काव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इफको नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की चार-चार मिलीलीटर मात्रा तथा सागरिका की ढाई मिलीलीटर मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव किया जाता है।
धान की फसल पर कराया गया पर्णीय छिड़काव
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प्रशिक्षण के दौरान इफको की ओर से प्रगतिशील किसान रितेश सिंह के ग्राम ललकपुर स्थित खेत में लगाए गए धान की 5204 प्रजाति के प्रदर्शन पर नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका का पर्णीय छिड़काव कराया गया।
इस दौरान किसानों को खेत पर ही नैनो उर्वरकों के प्रयोग की तकनीक और इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे वे फसल में इनके इस्तेमाल की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
प्रगतिशील किसानों ने प्रशिक्षण में लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पानी संस्थान के अनुविंद सिंह और आदित्य सहित प्रगतिशील किसान रितेश सिंह, गंगाधर सिंह, अखंड प्रताप सिंह, मानव आदित्य, रामचंद्र सिंह और अरुण कुमार यादव ने प्रतिभाग किया। किसानों ने खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त की और नैनो उर्वरकों के प्रयोग की विधि को समझा।

