‘ईरान को परमाणु बम बनाने से रोका, वरना मिट जाता इजरायल और पूरा मिडिल ईस्ट’, ट्रंप का बड़ा दावा; जानिए कितनी है सच्चाई
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि अगर उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से नहीं रोका होता, तो आज इजरायल और वास्तव में पूरा मध्य पूर्व मौजूद नहीं होता। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस सच्चाई के बारे में कोई बात नहीं करना चाहता, जबकि हर कोई इसे जानता है। ट्रंप लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सरकार की बड़ी चिंता बताते रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की परमाणु क्षमता कमजोर हुई है।
अमेरिका और इजरायल ने 2025 और 2026 में ईरान के परमाणु तथा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े हमले किए थे। इन कार्रवाइयों का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना बताया गया था। हालांकि, इन हमलों से ईरान की परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता को कितना नुकसान पहुंचा, इसकी स्थिति अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
हमलों से परमाणु कार्यक्रम को कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस की अक्टूबर में जारी रिपोर्ट में भी कहा गया है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों का वास्तविक असर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले किए गए आकलनों में इस बात की पुष्टि नहीं हुई थी कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा था।
60 फीसदी तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार होने की आशंका
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता की एक बड़ी वजह उसका यूरेनियम संवर्धन है। रॉयटर्स की अक्टूबर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का अनुमान है कि ईरान के पास 60 फीसदी तक संवर्धित यूरेनियम का 200 किलोग्राम से अधिक भंडार हो सकता है। आशंका है कि इसे इस्फहान में जमीन के नीचे बनी सुरंगों में रखा गया है।
परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम का संवर्धन स्तर आमतौर पर करीब 90 फीसदी माना जाता है। ऐसे में 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम इस स्तर से कम है, लेकिन इसे आगे और संवर्धित किया जा सकता है। हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी भी यह पूरी तरह पता नहीं लगा पाई है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम और सेंट्रीफ्यूज किन-किन स्थानों पर मौजूद हैं।
ईरान का दावा- परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए

ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण गतिविधियों से जुड़ा बताता रहा है। उसने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने के आरोपों से इनकार किया है। अमेरिकी आकलनों का हवाला देते हुए कांग्रेस की रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने वर्ष 2003 में अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम रोक दिया था। इसके बाद इसे दोबारा शुरू किए जाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
ऐसे में ट्रंप का यह दावा कि उन्होंने ईरान को परमाणु बम बनाने से रोक दिया, फिलहाल उनका अपना बयान है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी या अमेरिकी खुफिया आकलनों से इसकी अब तक पक्की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई की तैयारी?
इस बीच ट्रंप ने गुरुवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड भी हमलों की नई लहर के लिए अपनी तैयारियां बढ़ा रहा है। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक बड़े सैन्य अभियान को दोबारा शुरू करने का कोई औपचारिक आदेश नहीं दिया है।
व्हाइट हाउस में बुधवार और गुरुवार को ईरान के मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका जल्द फैसला करेगा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर और हमले किए जाने चाहिए या नहीं।
https://www.youtube.com/watch?si=RtToJsBhYBatUrym&v=mOuYNSdhjHA&feature=youtu.be
