Saturday, October 31, 2026
देशराजनीति

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 17 विधायकों की गुप्त बैठक से मचा सियासी हलचल, क्या पार्टी में बढ़ रही है नाराजगी?

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 17 विधायकों की निजी बैठक की खबरों के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। हालांकि, पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष शौकत मीर ने बगावत और गुटबाजी की अटकलों को खारिज किया है। बताया जा रहा है कि विधायकों ने एक साथ बैठक कर कुछ मांगों पर चर्चा की थी। इनमें एक सलाहकार को हटाने, चार कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और पार्टी के भीतर आंतरिक जांच कराने जैसे मुद्दे शामिल थे।

शौकत मीर ने कहा कि विधायकों की बैठक पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा थी। इसका नेतृत्व के साथ टकराव या बगावत से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी के कई विधायक अपनी चिंताओं और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल में एकत्र हुए थे। किसी भी विधायक ने संगठन या सरकार के खिलाफ बयान नहीं दिया।

मीर ने बताया कि विधायकों ने अपनी बात सीधे सार्वजनिक करने के बजाय वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने का फैसला किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर बैठक को गलत तरीके से पेश किया गया और इसे बगावत का रूप दे दिया गया।

वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी पर क्या बोले शौकत मीर?

पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर शौकत मीर ने माजिद लरावी, अब्दुल रहीम वीरी और नजीर अहमद गुरेजी जैसे वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए अहम योगदान दिया है और आज भी संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

मीर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व विधायकों की अपेक्षाओं और उनकी चिंताओं से अवगत है। उन्होंने भविष्य में संगठनात्मक या राजनीतिक बदलावों की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया।

मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से कुछ विधायक नाराज

कैबिनेट में फेरबदल की मांग पर शौकत मीर ने माना कि कुछ विधायक मंत्री पद नहीं मिलने से निराश हैं। उन्होंने कहा कि कई बार चुनाव जीत चुके नेताओं की मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद करना स्वाभाविक है, लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास मंत्री पदों की संख्या सीमित थी।

मीर के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला के सामने शुरुआत में केवल आठ मंत्री पद भरने का विकल्प था और उन्होंने पहले चरण में पांच मंत्रियों को शामिल किया था। ऐसे में सभी विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देना संभव नहीं था।

पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने पर बढ़ सकती हैं मंत्री पदों की संभावनाएं

शौकत मीर ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का अपना वादा पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने से मंत्रिमंडल में उपलब्ध पदों की संख्या बढ़ सकती है और अधिक विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है।

उन्होंने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल में मतभेद होना सामान्य बात है। ऐसे मुद्दों को पार्टी के भीतर बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि उन्हें नेतृत्व के खिलाफ बगावत बताकर पेश किया जाना चाहिए।

 

--------------------------------------------------------------------------------------------------- https://www.youtube.com/watch?si=RtToJsBhYBatUrym&v=mOuYNSdhjHA&feature=youtu.be