परसपुर में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राजयोगिनी अनामिका दीदी ने बताया पर्व का आध्यात्मिक रहस्य

परसपुर, गोंडा: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के परसपुर सेवा केंद्र पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी सजाई गई। कार्यक्रम में जिज्ञासुओं ने आरती कर अपने मनोभाव अर्पित किए।

राजयोगिनी अनामिका दीदी ने समझाया जन्माष्टमी का आध्यात्मिक संदेश
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अनामिका दीदी उपस्थित रहीं। उन्होंने उपस्थित भाई-बहनों को जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि हर मनुष्य के अंदर सत्य, प्रेम और पवित्रता के जन्म का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जब मन में काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार रूपी कंस का विनाश होता है, तभी जीवन में सच्चे श्रीकृष्ण यानी शांति और खुशी का जन्म होता है।
राजयोग से दिव्य गुणों को जीवन में धारण करने का संदेश
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ब्रह्माकुमारी अनामिका दीदी ने बताया कि श्रीकृष्ण को 16 कला संपूर्ण कहा जाता है। राजयोग के अभ्यास के माध्यम से मनुष्य भी अपने जीवन में इन दिव्य गुणों को धारण कर सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने राजयोग मेडिटेशन का अनुभव किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार सिंह, डॉ. सुरेश चंद्र तिवारी, विश्वनाथ साहू, रामेंद्र नारायण सिंह, अनूप सिंह, कमला प्रसाद सिंह, राघवेंद्र पाण्डेय, रिमझिम, नन्दनी, उमा, सुषमा, मन्ना, ममता, पूनम, रागिनी, पिंकी, रमा, उमा, मिथलेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

