भारी वर्षा से धान सहित सभी फसलों में भारी नुकसान की संभावना

24 सितंबर से लगातार हो रही भारी वर्षा से धान,गन्ना,मक्का,उर्द,मूंग,तिल,सब्जी की फसलें आदि खेत में गिर गई हैं । इससे फसलों की उपज पर बुरा प्रभाव पड़ेगा । डॉ. राम लखन सिंह,वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य, कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा ने बताया कि फसलों की उपज में 25% से लेकर 75% तक नुकसान हो सकता है । जल भराव में फसल डूब जाने के कारण फसल का उत्पादन मिलना संभव नहीं हो सकेगा । धान की फसल में लगातार वर्षा से नमी बढ़ने के कारण दाने की गुणवत्ता खराब होने तथा फसल में कीट व बीमारी के प्रकोप की संभावना बढ़ जाती है । परिपक्वता के समय लगातार बरसात होने से धान के दानों का जमाव शुरू हो जाता है । धान की अधिक लंबाई वाली प्रजातियों के गिर जाने के कारण नुकसान अधिक होगा । जल भराव वाले क्षेत्रों में जल निकास भी संभव नहीं है । लगातार वर्षा से गन्ने की फसल गिर गई है,जिन कृषकों द्वारा फसल की बंधाई की गई थी । फसल कम गिरने के कारण उनमें नुकसान भी कम होगा । दलहनी फसलों जैसे उर्द,मूंग,अरहर की एवं तिलहनी फसलों में तिल की फसल में नुकसान ज्यादा है । खरीफ में बोई गई कम अवधि की फसलें लगभग तैयार होने के कगार पर थीं । इनमें नुकसान ज्यादा है । मचान एवं मेड़ पर बोई गई सब्जियों में कम नुकसान होगा । फूलों की फसल वर्षा के कारण काफी खराब हो गई है । नये रोपित बागों में जलभराव होने से पौधे मर सकते हैं । नये रोपित बागों के साथ-साथ सभी फसलों में जहां तक संभव हो, अतिरिक्त जल निकास अति शीघ्र करें ।
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