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रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में ‘Research Directions for Sustainable Future’ विषय पर प्री-पीएच.डी. विद्यार्थियों हेतु विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन

बरेली, 26 सितम्बर। एमजेपी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय में प्री-पीएच.डी. कोर्सवर्क के विद्यार्थियों के लिए “Research Directions for Sustainable Future” विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात अर्थशास्त्री, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं चार विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति प्रो. ए. डी. एन. बाजपेयी रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सतत भविष्य के निर्माण में शोध की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने व्याख्यान में प्रो. बाजपेयी ने शोधार्थियों को समकालीन वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप शोध की नई दिशाओं की पहचान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शोध केवल अकादमिक उपलब्धि का साधन न होकर समाज, पर्यावरण एवं मानव कल्याण से जुड़ी समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम होना चाहिए। उन्होंने शोधार्थियों को अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक सोच के समन्वय पर विशेष बल दिया।

प्रो. बाजपेयी ने सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा मानव-केंद्रित विकास को भविष्य के शोध के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उनका व्याख्यान प्री-पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा।

कार्यक्रम के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से प्रो. ए. डी. एन. बाजपेयी का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ने प्रो. बाजपेयी के बहुआयामी अकादमिक व्यक्तित्व एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रख्यात विद्वानों के ऐसे व्याख्यान शोधार्थियों को शोध की नई दिशाओं, व्यापक दृष्टिकोण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शोध में मौलिकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं सामाजिक उपयोगिता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण शोध निदेशक प्रो. आलोक श्रीवास्तव द्वारा दिया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. नवीन कुमार ने किया। कार्यक्रम में प्रो. बृजेश कुमार, प्रो. संजय मिश्रा, प्रो. तुलिका, प्रो. विजय बहादुर, प्रो. संजय गर्ग सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा त्रिवेदी ने किया।

कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत गरिमापूर्ण, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा। उपस्थित प्री-पीएच.डी. विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने प्रो. बाजपेयी के व्याख्यान से शोध की समकालीन चुनौतियों एवं संभावनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। बरेली से अखिलेश चन्द्र सक्सेना की रिपोर्ट

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